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खराब कोल्ड ड्रिंक्स: गोरखपुर में 2 दिन में जब्त हुई 2 हजार बोतल, शासन ने मांगी रिपोर्ट- पूरे प्रदेश में होगी

Sun, 23 Mar 2025 04:59 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

गोरखपुर में मामला पकड़ में आने के बाद अब पूरे प्रदेश में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स की जांच कराने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई है। उम्मीद है जल्द ही पूरे प्रदेश में इसकी जांच करवाई जाएगी।
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गोदाम में एक्सपायर बोतलों पर लगाया डैमेज का स्टीकर। - फोटो : स्त्रोत-खाद्य सुरक्षा विभाग
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विस्तार
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शहर के तीन बड़े विक्रेताओं के गोदाम में पकड़ी गई एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक्स के मामले में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की कार्रवाई से निदेशालय को भी अवगत करा दिया है। गोरखपुर में मामला पकड़ में आने के बाद अब पूरे प्रदेश में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स की जांच कराने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई है। चर्चा है कि जल्द ही इसके लिए आदेश जारी हो जाएगा।
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होली में बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाइयों के साथ ही एक्सपायर हो चुकी कोल्ड ड्रिंक्स भी खपा दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों को जानकारी मिली तो छानबीन शुरू हुई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने महेवा मंडी के एक स्टॉकिस्ट के गोदाम की जांच की तो पता लगा कि वहां बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी कोल्ड ड्रिंक्स की पेटियां रखी हैं, जिसे डोमिनगढ़ की एजेंसी से लाया गया था।

टीम वहां पहुंची तो पता चला कि कोल्ड ड्रिंक्स की एक्सपायर हो चुकीं बोतलों पर लेजर मशीन से डेट बदली जा रही थी। मामले में तीनों एजेंसियों से खरीद बिल और किन-किन दुकानों को बेचा गया, उसकी रसीद मांगी गई है। छानबीन में यह बात भी सामने आई कि तमाम बिलों पर बैच नंबर व लॉट नंबर ही अलॉट नहीं होता।
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इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स बेचने वाली तमाम दुकानों का खाद्य सुरक्षा विभाग में कोई पंजीकरण ही नहीं है। मामला चर्चा में आने के बाद शासन ने इस पर रिपोर्ट मांगी है। कहा जा रहा है कि अब पूरे प्रदेश में इसकी जांच कराई जाएगी।

एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक्स के मामले में शासन स्तर से जो जानकारी मांगी गई थी, वह भेज दी गई है। अगर शासन का आदेश आता है तो पूरे जिले में इसकी वृहद जांच कराई जाएगी। खराब कोल्ड ड्रिंक्स को जिले में ही नष्ट कराया जाए और सभी बिलों पर बैच नंबर व लॉट संख्या का जिक्र जरूर हो। इसके लिए निर्माता कंपनियों को भी पत्र भेजा गया है। इसके अलावा एजेंसी संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे एक्सपायर सामान का पूरा विवरण रखें: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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