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Gorakhpur News: संतकबीरनगर के डॉक्टर के नाम पर है अस्पताल का पंजीकरण...संचालक ने दिया है अपना नंबर

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गोरखपुर। मरीज माफिया गिरोह में शामिल एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने तो अपनी जांच तेज कर दी है, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से तहरीर न आने से केस दर्ज नहीं हो पाया है। हालांकि, पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि नर्सिंग होम का पंजीकरण जिस डॉक्टर के नाम पर कराया गया है, वह संतकबीरनगर के रहने वाले हैं। वह कभी भी नर्सिंग होम पर नहीं आते थे। इतना ही नहीं पंजीकरण में डॉक्टर के मोबाइल नंबर की जगह पर नर्सिंग होम संचालक ने अपना नंबर दे रखा है। फिलहाल, वह नर्सिंग होम पर ताला बंद कर फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने योजना बनाकर एक जालसाज को पकड़ा। वह मरीज को मेडिकल कॉलेज से गुमराह करके नर्सिंग होम लेकर जा रहा था। उसे पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो कई जानकारियां भी मिल गई। इतना तो साफ हो गया है कि नर्सिंग होम पंजीकरण फर्जी तरीके से कराया गया है, उसमें कोई डॉक्टर नहीं बैठता है। पुलिस ने इसी आधार पर सीएमओ कार्यालय की मदद से पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज हासिल का लिए हैं। उससे पता चला है कि जिस डॉक्टर के नाम का इस्तेमाल किया गया है, वह संतकबीरनगर के खलीलाबाद इलाके के रहने वाले हैं। अब पुलिस उनसे पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि यह पता चल सके कि उसकी डिग्री का इस्तेमाल फर्जी तरीके से किया गया है या फिर उन्होंने खुद सहमति दी थी। पुलिस अब इस पूरी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में लग गर्ई है।
क्लीनिक के बाहर संदिग्ध मिला, पूछताछ की
गोरखपुर। कैंट इलाके के छात्रसंघ चौक के पास मानसिक रोग के एक बड़े डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर से पुलिस ने बुधवार की शाम में एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। पुलिस ने उससे पूछताछ भी की, लेकिन कोई पर्याप्त साक्ष्य न मिलने की वजह से छोड़ा गया है। लेकिन, उससे पूछताछ के बाद पुलिस को एक बात समझ में आ गई है कि कुछ युवक सुबह ही बड़े डॉक्टरों के क्लीनिक के बाहर आ जाते हैं और फिर मरीजों को वरगला कर अवैध अस्पतालों में ले जाकर रुपये ऐंठते हैं, ऐसे मामलों में कई बार मरीजों की जान भी चली जाती है। डॉक्टर ने खुद ही एसएसपी से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद ही पुलिस ने युवक को पकड़ा था। अब पुलिस इस नेटवर्क को खंगाल रही है।
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अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है, इस वजह से केस दर्ज नहीं किया गया है। अपने स्तर से पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
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कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
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