गोरखपुर। शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ देवी आराधना का शुभारंभ होगा। नवरात्र को लेकर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। वहीं, घरों और दुर्गा पूजा पंडालों में कलश स्थापना के साथ पूजा-अर्चना शुरू होगी। गोरखनाथ मंदिर स्थित संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस बार तिथियों के विशेष संयोग के कारण नवरात्र का क्रम दस दिनों तक चलेगा। अष्टमी और नवमी तिथि के साथ विजयादशमी का भी विशेष संयोग बन रहा है। इस बार शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हाथी पर माता का आगमन सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। नवरात्र में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष पूजन के आयोजन होंगे।