झुंगिया बाजार की अर्चना मेडिकल एजेंसी पर पर ड्रग इंस्पेक्टर ने मारा छापा, दो नमूने लिए
प्रतिबंध के बावजूद दवाओं की खरीद-बिक्री का नहीं मिला कोई रिकाॅर्ड, अब नोटिस देकर होगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दो दिन पहले भालोटिया मार्केट से शुरू हुए नकली दवा के खिलाफ अभियान में बृहस्पतिवार को ड्रग इंस्पेक्टर को बड़ी सफलता हाथ लगी। भालोटिया से मिले सुराग के सहारे ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल कॉलेज रोड स्थित झुंगिया बाजार इलाके की अर्चना मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। वहां गर्भधारण जांच किट, गर्भपात कराने वाली दवा के चार विभिन्न ब्रांड की नशीली दवाओं की 4200 टैबलेट भी बरामद हुईं।
ये टैबलेट दुकान में एक कोने में रखे थे। इससे संबंधित कोई अभिलेख दुकान में नहीं मिला, जबकि इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति का नाम पता तक नोट करना होता है। दवा की खरीद-बिक्री का रिकाॅर्ड दुकानदार नहीं दिखा सका। विभाग ने उसे नोटिस जारी कर खरीद-बिक्री का रिकाॅर्ड मांगा है। नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने समेत अन्य विधिक कार्रवाई होगी।
शहर में नकली और नशीली दवाओं का धंधा लंबे समय से चल रहा है। यह दीगर बात है कि यहां ये दवाएं पकड़ी नहीं जाती थीं। पिछले महीने महराजगंज जिले में नशीले इंजेक्शन की खेप पकड़े जाने के बाद भी तत्कालीन अफसरों ने मामले से किनारा कस लिया था। लेकिन, नए ड्रग इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने मंगलवार को एक कंपनी की तरफ से नकली दवा बिकने की शिकायत पर एक मेडिकल एजेंसी की जांच की थी।
वहां तो कुछ नहीं मिला, लेकिन बाजार से मिले इनपुट के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर राहुल कुमार के नेतृत्व में टीम ने बृहस्पतिवार को झुंगिया बाजार स्थित दवा की एक दुकान पर छापा मारा। वहां से नेज-0.5 एमडी, नेज-0.25 एमडी, अल्प्राजो-0.5, आलरिलैक्स - 0.5, क्लोनाफिट -0.5 और 0.25 एमडी नाम वाली दवाएं बरामद हुईं।
क्लीनिक से पूछकर पहुंचे मेडिकल एजेंसी
नशीली दवा बिकने की पुख्ता सूचना के बाद पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर ने पहले एक क्लीनिक पहुंचकर पूछा कि अल्प्राजोल टेबलेट कहां मिलेगा। उसने अर्चना मेडिकल एजेंसी का नाम बताया। टीम ने मेडिकल एजेंसी पहुंचकर छापा मार दिया। यह मेडिकल एजेंसी पंजीकृत है, लेकिन वहां दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकाॅर्ड नहीं मिला। बताया जा रहा है कि वहां गर्भधारण किट के साथ ही गर्भपात से संबंधित दवाएं भी मिलीं। इन दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचा जाता है। यहां से आलरिलैक्स व क्लोनाफिट दवाओं के नमूने भी लिए गए। उन्हें राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ में जांच के लिए भेजा जाएगा।