हाथी को काबू में करने का प्रयास करते महावत। फाइल
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गोरखपुर। कुसम्ही जंगल में बिदका हाथी गंगाराम शनिवार को पूरे दिन दवाओं (ट्रेंकुलाइजर) के असर से सुस्त रहा। इस दौरान भी वह पैरों में बंधी बेड़ियों को खींचता रहा। सूंड से पेड़ पर हमलावर होते दिखा। इस दौरान चिड़ियाघर की टीम ने हाथी को भोजन कराया। बताया जा रहा है कि उसने 300 किलो केले खा लिए। शनिवार को जंगल में घूमने आए लोग हाथी से डरे-सहमे दिखे। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती महावत गंगू की हालत अब ठीक है।
शुक्रवार को हाथी अचानक बिदक गया था। इसी दौरान उसने पैरों में बंधी जंजीर तोड़ दी। दूसरी जंजीर बांधने गए महावत मंगू को अचानक सूंड में फंसा कर पटक दिया था, जिससे वह घायल हो गया। मौके पर मौजूद चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने ट्रेंकुलाइजर गन से हाथी को नियंत्रित किया। इसके बाद उसे दूसरे कई जंजीरों में बांधा गया।
शनिवार को चिड़ियाघर के अलावा वन विभाग की टीम मौके विनोद वन पहुंची। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसका स्वभाव शांत मिला। दिन भर में उसने करीब 300 किलो केले खाए और कई बार पानी भी पीया। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि हाथी अभी विनोद वन में ही रहेगा। उसकी स्थिति फिलहाल शांत है। दवाओं के असर है। पहले की तुलना में अब हाथी नियंत्रित है।
पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि रिपोर्ट में हाथी की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। बताया गया है कि हाथी मदमस्त हो गई थी। इस दौरान उसने एक महावत को भी घायल कर दिया था।
हाथी ने शनिवार को करीब 300 किलो केला खाने के बाद पानी भी पीया है। उसकी हालत अब शांत है, लेकिन अभी उसे पूरी तरह नियंत्रित और सामान्य होने में समय लगेगा।- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, पशु चिकित्साधिकारी।