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Gorakhpur News: निर्माण कार्य स्थलों पर पानी का हुआ छिड़काव तो सुधर गई शहर की हवा

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सुबह 9.30 बजे एक्यूआई का स्तर 151, दोपहर में 268 और शाम को हुआ 204

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। विकास परियोजनाओं के निर्माण कार्य स्थल पर सुधारात्मक उपाय से शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति में सुधार हुआ है। बढ़ते प्रदूषण के बीच शनिवार को शहर में निर्माण कार्यों वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव कराया गया। इसका असर तत्काल देखने को मिला। शहर में एक्यूआई का स्तर दोपहर दो बजे 268 पहुंच गया था, वह शाम को 204 पर आ गया।
शहर में औसत एक्यूआई 168 दर्ज किया गया। यानी प्रदूषण की स्थिति खतरे के स्तर 200 से नीचे आ गई। हालांकि, रविवार को दिवाली में पटाखे छूटेंगे और प्रदूषण बढ़ेगा। ऐसे में पानी का छिड़काव नहीं हुआ तो हवा में जहर और ज्यादा फैलेगी।
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शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते धूल के कण और वाहनों से निकले धुएं से शहर में दशहरा के बाद से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। धुंध के चलते सुबह देर तक कोहरे जैसी स्थिति दिख रही है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शासन ने निर्माण कार्यों को हरे पर्दे से कवर करने और धूल-मिट्टी पर पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से कई जगह उपाय भी किए गए।
शनिवार को दोपहर एक बजे देवरिया बाईपास मोड़ से आगे बढ़ते ही धूल का गुबार दिखा। यह स्थिति रुस्तमपुर और फलमंडी के पास भी थी। बाइक से आने-जाने वाले धूल से पट जा रहे थे। रुस्तमुपर के रहने वाले सुशील पांडेय और रंजू बाइक से जा रहे थे। कुछ देर तक चलने के बाद बाइक किनारे करके रुक गए। रुमाल निकाल कर हेलमेट का शीश पोछा। बताया कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। हेलमेट पर धूल जमने से दिख नहीं रहा था।
वहीं शाम करीब पौने चार बजे नगर निगम के टैंकर लगाकर निर्माणाधीन पैड़लेगंज- नौसड़ सिक्सलेन और फ्लाईओवर के दोनों तरफ पानी का छिड़काव किया गया। इससे लोगों को जहां धूल से राहत मिली वहीं प्रदूषण की स्थिति में भी सुधार हुआ।
शनिवार को शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 168 रहा, जो स्वास्थ्य के लिहाज से खराब की श्रेणी में है। सुबह 9.30 बजे एक्यूआई 151 था, जो 24 घंटे में सबसे बेहतर था। वहीं दोपहर दो बजे यह 268 पर पहुंच गया था, जो बीते 24 घंटे में सबसे खराब दर्ज किया गया। शाम सात बजे भी एक्यूआई 204 बना हुआ था।

दिवाली मनाएं पर वायु प्रदूषण को भी ध्यान में रखें
रविवार को दीपावली पर पटाखों का शोर जहां ध्वनि प्रदूषण फैलाएगा, वहीं इसके बारूद और धुएं से शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति और भी विकट हो सकती है। मौसम के जानकारों का कहना है कि रविवार को दिवाली के अवसर पर बड़ी संख्या में पटाखे जलाए जाएंगे, उस वक्त एक्यूआई का स्तर और भी गंभीर श्रेणी में आ सकता है। पहले से ही वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति झेल रहे शहर को पटाखों के बारूद और धुएं से गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में लोगों को दीपावली की खुशियां मनाने के साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखना चाहिए।

वर्जन
निर्माण कार्यों के चलते धूल के कण वायुमंडल में उड़ रहे हैं, जो सांस के रास्ते फेफड़े तक पहुंच रहा है। वहीं, त्वचा पर एलर्जी ज्यादा हो रही है। इस समय सबसे बेहतर उपाय है पानी का छिड़काव। इससे धूल के कण भारी हो जाते हैं और नीचे बैठ जाते हैं। जहां भी निर्माण कार्य हो रहा है, वहां नियमित पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए। जब शीत की बूंदें पड़ने लगेंगी तब भी धूल के कण कम दिखेंगे।
-प्रो. शरद चंद मिश्रा, पर्यावरणविद एवं आचार्य, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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नगर निगम ने 80 लाख से खरीदा स्प्रिंकलर, किया गया पानी का छिड़काव

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम ने 80 लाख रुपये से दो स्प्रिंकलर मशीनें खरीदी हैं। इन मशीनों से शनिवार को पैडलेगंज और गोलघर इलाके में पानी का छिड़काव किया गया। पेड़ों की भी धुलाई की गई, ताकि हवा की शुद्धता बढ़ सके।
निर्माण कार्यों के चलते उड़ रही धूल से पेड़ों की पत्तियों पर धूल की चादर बिछ गई है। शनिवार को 5000 लीटर की क्षमता वाली एक स्प्रिंकलर मशीन से सड़क के किनारे स्थित पेड़ों की धुलाई की गई। सबसे अधिक प्रदूषित एमएमएमयूटी, पैडलेगंज, गोलघर इलाके में छिड़काव कराया गया।
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जलकल के सहायक अभियंता सौरभ सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में अधिक धूल उड़ रही है, उधर प्राथमिकता से छिड़काव कराया गया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय किए जा रहे हैं। वाहनों के धुएं से अधिक दिक्क्तें आई हैं।
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