गोरखपुर। औद्योगिक विकास के साथ आमी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए गीडा में कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। नमामि गंगे परियोजना के तहत 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट के लिए केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और गीडा के बीच खर्च में हिस्सेदारी को लेकर सहमति बन गई है। अब निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने बताया कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। पहले प्रस्ताव के तहत परियोजना की कुल लागत का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार, जबकि 25-25 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार और गीडा को वहन करना था।