- शहर से तीन बाइकों की मैकेनिक इमरान ने की थी चोरी, बरामद की गईं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कैंट पुलिस ने बाइक चोरी करने के आरोपी बाइक मैकेनिक को शनिवार को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी की तीन बाइकों को बरामद कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि चोरी की बाइक को बेचने में दिक्कत आ रही थी। वह मैकेनिक है, इस वजह से पार्ट्स को अलग कर आसानी से बेच लेता था। पुलिस ने उसके पास से तीन बाइक बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान कोतवाली थाना क्षेत्र के मियां बाजार निवासी इमरान के रूप में हुई है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह व निरीक्षक रणधीर मिश्रा ने थाने में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। सीओ ने बताया कि खजनी के खारिया उर्फ भीटी निवासी शिव प्रकाश पांडेय की बाइक गोलघर से 25 जून को चोरी हो गई थी। कैंट पुलिस द्वारा केस दर्ज करने के बाद जटेपुर चौकी प्रभारी धीरेंद्र कुमार राय टीम के साथ जांच में जुटे थे। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा गया।
उसने पूछताछ में बताया कि वह बाइक का मिस्त्री है और नशे का आदी है। रुपयों की जरूरत को पूरा करने के लिए गाड़ियों की चोरी भी करने लगा। उसने कबूल करते हुए बताया कि 25 जून को गोलघर से बाइक चोरी की थी। पूछताछ में उसने दो और बाइक चोरी किए जाने की बात कबूल कर ली। उसकी निशादेही पर नौसड़ के पास से दो और बाइकें बरामद की गईं। दोनों बाइकों के दोनों पहिए और शाॅकर गायब मिले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मैंने इसे एक महीने पहले सावित्री हॉस्पिटल से एक हीरो सुपर स्प्लेंडर चोरी की थी।
साथ ही बताया कि गाड़ी का मिस्त्री होने की वजह से गाड़ियों के पार्ट्स निकाल कर रख देता हूं। कभी कोई ग्राहक आता है तो उसकी गाड़ी के खराब पार्ट्स को बदल कर कुछ पैसा कमा लेता हूं और उस पैसे का शराब पी जाता हूं । बताया कि बाइक चोरी करने के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत उसको बेचने को लेकर होती है। अगर गाड़ी को किसी को बेच दिया जाता है और वह गाड़ी लेकर पकड़ा गया तो मेरे भी पकड़े जाने का डर रहता है।
इसलिए मैंने यह उपाय निकाला जिससे मैं पकड़ा न पाऊं। मैं गाड़ी चोरी कर के उसका पार्ट्स निकल कर अलग अलग कर देता हूं। अगर कोई गाड़ी और पार्ट्स को देखता भी है तो यही समझता है कि गाड़ी मेरे यहां बनने आई है। वहीं, गाड़ियों के पार्ट्स का इस्तेमाल मैं आसानी से गाड़ी बनाने वाले ग्राहकों को कम पैसे में बेच देता हूं और जो सामान बच जाता है उसको कबाड़ी को बेच देता हूं।