संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भ्रष्टाचार के आरोपी देवरिया तहसील के तत्कालीन कानूनगो जोखन प्रसाद की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि आठ जून 2023 को शिकायतकर्ता इंद्रेश कुमार गुप्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। उनका कहना था कि उनकी माता इंद्रावती देवी की ग्राम खड़ाइच में जमीन है। उसकी पैमाइश पूर्व में की जा चुकी है। जमीन के बगलगीर द्वारा सरकारी पत्थर नसब उखाड़ कर फेंक दिया गया, जिसके संबंध में शिकायतकर्ता की माता ने थाना रामपुर व तहसील देवरिया में भी उप जिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र पर उप जिलाधिकारी द्वारा आरोपित कानूनगो को निर्देशित किया गया कि वह आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत करें। जिसके लिए आरोपित कानूनगो द्वारा शिकायतकर्ता से साठ हजार रुपये घूस की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने इतना रुपया देने में असमर्थता जताई तो आरोपित कानूनगो ने कहा कि ठीक है काम शुरू करने पर 25 हजार रुपये देने होंगे और काम हो जाने पर 25 हजार कुल पचास हजार रुपये देने पड़ेंगे। शिकायतकर्ता घूस नही देना चाहता था बल्कि आरोपित को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। शिकायतकर्ता की शिकायत पर एक ट्रैप टीम का गठन हुआ और प्री ट्रैप जांच गोपनीय रूप से की गई, जिसमें आरोपित के विरुद्ध आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया।