कुशीनगर में फर्जी प्रवेश और बैंक खाते के आधार पर देवरिया के बीएड छात्र पन्नेलाल के नाम से बीटीसी कोर्स में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति निकालने के मामले में छात्र ने जब भाग-दौड़ शुरू की तो चौकाने वाली बात सामने आई।
छात्र को संबंधित कॉलेज व बैंक ने जो लिखित जवाब दिया है, उसके अनुसार उनके वहां कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
अब बड़ा सवाल है कि फर्जी बैंक खाते के आधार पर आखिर किसने पन्नेलाल के नाम पर 41,000 रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति निकाली है। कुशीनगर के महुवआ गांव के पन्नेलाल प्रसाद ने बताया कि अनुरागी देवी महाविद्यालय बहुआस कुशीनगर से 2018 में बीए पास किया।
इसी कॉलेज में उसके नाम पर फर्जी प्रवेश दिखाकर 2019 में शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति निकाली गई है। इस कारण उसे बीएड में शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है।
उसने कभी बीटीसी कोर्स नहीं किया है।
ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार मथौली बाजार स्थित बैंक शाखा में उसके नाम पर खोले गए बैंक खाते से 41 हजार रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति निकाली गई है। उसके दस्तावेजों के आधार प्रवेश भी फर्जी लिया गया है और बैंक खाता भी फर्जी है।
बैंक ने लिखकर दे दिया कि बैंक में यह खाता नहीं है, जबकि कॉलेज ने जवाब दिया है कि 2019 में कॉलेज से बीटीसी नहीं किया है। पन्नेलाल हीरामन महातम महाविद्यालय महुआडीह देवरिया में बीएड छात्र है।
एक जनवरी 2024 को उसने शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया तो फार्म सबमिट नहीं हुआ और मैसेज आया कि उसने 2019-20 में अनुरागी देवी महाविद्यालय से बीटीसी कोर्स में शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति प्राप्त की है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी गोरखपुर मंडल आशुतोष मिश्र ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने छात्र को सुझाव दिया है कि कुशीनगर के डीएम, डायट प्राचार्य सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत करें।
खुल सकती है बड़े नेटवर्क की पोल
पन्नेलाल के नाम फर्जी तरीके से शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति निकालने के मामले में बड़े नेटवर्क की पोल खुल सकती है। पन्नेलाल के अनुसार उसने अपने हक के लिए जांच कराने की भागदौड़ शुरू की तो कुशीनगर के कॉलेज एवं बैंक शाखा और देवरिया के समाज के कल्याण विभाग से उसे मदद नहीं मिली।
उसका आरोप है कि इस नेटवर्क में कुशीनगर से देवरिया तक के तार जुड़े हैं।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि बीएड छात्र के नाम पर पहले ही बीटीसी की शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति निकालने का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं और विद्यार्थियों के नाम से फर्जी प्रवेश करके छात्रवृत्ति तो नहीं निकाली गई है।