संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जीडीए की महायोजना 2031 में टेराकोटा (माटी कला) उत्पाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुझाव पर महायोजना में टेराकोटा के विकास के लिए नियोजित प्रयास को शामिल कर लिया गया है। इस उत्पाद को नई पहचान दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष 26 दिसंबर को महायोजना का ऑनलाइन प्रजेंटेशन दिया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अपने टेराकोटा उत्पादन के लिए जाना जाता है। महायोजना में इसके विकास के लिए नियोजित प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री के सुझाव को जीडीए ने शामिल कर लिया।
बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर महायोजना 2031 का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसमें टेराकोटा उत्पादन के नियोजित विकास को शामिल कर लिया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री के सुझाव पर लघु और मध्यम स्तर के तकनीकी उद्यम को प्रोत्साहन देने पर भी जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की तरफ से जीडीए को यह सुझाव दिया गया था कि गोरखपुर विकास क्षेत्र की वर्तमान जनसंख्या लगभग 14 लाख है और आने वाले 10 वर्ष में यह जनसंख्या 25 लाख और वर्ष 2047 तक 50 लाख तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश की एक ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गोरखपुर के साथ-साथ पूर्वांचल क्षेत्र में लघु और मध्यम स्तर के तकनीकी उद्यम को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्र में स्थापित उद्योग को शहर से बाहर करने का विकल्प तैयार करने का सुझाव जीडीए को दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के सुझाव को प्राथमिकता के आधार पर महायोजना में सम्मिलित कर लिया गया है। महायोजना में पर्याप्त हरित क्षेत्र रखने, व्यावसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्र बढ़ाने पर विशेष ध्यान रखा गया है।