- राजकीय शिक्षक संघ ने समूचे प्रदेश में मूल्यांकन ठप कराने की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। वाराणसी के शिक्षक की मुजफ्फरनगर में पुलिस काॅस्टेबिल द्वारा हत्या किए जाने के विरोध में मंगलवार को राजकीय शिक्षक संघ के आह्वान पर माध्यमिक शिक्षकों ने यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन का बहिष्कार कर मूल्यांकन केंद्रों पर प्रदर्शन किया। राजकीय शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में मृत शिक्षक के परिजनों को दो करोड़ की विशेष आर्थिक सहायता व दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की है। संघ ने कहा कि सरकार ने 22 मार्च तक इस संबंध में निर्णय नहीं लिया तो समूचे प्रदेश में मूल्यांकन कार्य ठप करा दिया जाएगा।
मंगलवार को राजकीय जुबिली इंटर काॅलेज को छोड़कर शेष तीनों केंद्रों पर काॅपियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। सोमवार को बहिष्कार करने से पहले जो कापियां मूल्यांकन के लिए बच गई थीं, पहले उनका मूल्यांकन शुरू हुआ। दोपहर 11:30 बजे राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर बहिष्कार का समर्थन करने के अनुरोध के बाद शिक्षक कमरों से बाहर निकल आए। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि मृत शिक्षक के परिजनों की सहायता के लिए सभी शिक्षक व्यक्तिगत रूप से आर्थिक मदद करेंगे। इस दौरान एचके श्रीवास्तव, शिवशंकर मल्ल, डाॅ. सरोज, अंकिता राय, वंदना वर्मा, वंदना गुप्ता, सुधा पासवान, प्रशांत, सुनील कुमार, सत्यप्रकाश शुक्ला समेत कई शिक्षक शामिल रहे।
उप्र अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रताप राम के नेतृत्व में शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर मूल्यांकन का बहिष्कार कराया। इस दौरान श्रवण कुमार, सुभाष प्रसाद, गौतम, रामजी बागी आदि शामिल रहे।
बैठक में आंदोलन की दी चेतावनी
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने एक बैठक कर शिक्षक की हत्या पर आक्रोश व्यक्त करते कहा कि अगर मृत शिक्षकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये अनुदान और आश्रित को नौकरी नहीं दी गया तो शिक्षक महासंघ पूरे प्रदेश में आंदोलन को बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे, जिला मंत्री श्रीधर मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष सुधांशु मोहन सिंह, हरेंद्र राय, ज्ञानेंद्र ओझा आदि शामिल रहे।