मोबाइल फोन से दूर रखने के लिए भेज रहे अभिभावक
कोरोना काल के बाद बच्चों को मोबाइल फोन की लत लग गई थी। इसकी वजह से खेलकूद की गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो गईं। इसे ठीक करने के लिए मां-बाप ने बच्चों को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग के लिए भेजना शुरू कर दिया। इससे दो फायदे हैं.. पहला कि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं और दूसरा कि वे आत्म सुरक्षा के गुण सीख लेंगे।
पहले ज्यादातर बच्चे क्रिकेट या फुटबाल ही खेलते थे, लेकिन अब ताइक्वांडो की ओर भी उनका रुझान तेजी से बढ़ रहा है। प्रशिक्षक आदित्य जायसवाल ने बताया कि कोरोना काल के बाद से ताइक्वांडो का क्रेज बढ़ा है। छोटी उम्र से ही बच्चे इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं।
ताइक्वांडो में आगे आ रहीं बेटियां
ताइक्वांडों में अभी तक लड़के ही ज्यादातर देखने को मिलते थे, लेकिन अब समय काफी तेजी से बदल रहा है और ट्रेनिंग सेंटर पर आपको लड़कों से ज्यादा लड़कियां देखने को मिल जाएंगी। इससे वे छोटी उम्र में ही आत्म सुरक्षा के लिए तैयार हो जा रही हैं। अगर उन्हें किसी ने परेशान करने की भी कोशिश की तो उनको करारा पंच मिलेगा।
प्रशिक्षक विशाल ने बताया कि ताइक्वांडो की तरफ पिछले कुछ समय से लोगों का रुझान काफी बढ़ा है। लड़कियां भी इसमें आगे आ रही हैं। इससे बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं और इसमें लेवल बढ़ाकर आगे बड़ी प्रतियोगिता में अपना हुनर दिखा सकते हैं।