जानकारी के मुताबिक, शासन धर्मांतरण व तस्करी की गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। इसके बाद ही भारत-नेपाल सीमा पर वे नव धनाढ्य चिह्नित किए गए हैं, जो कुछ वर्ष पहले तक दिहाड़ी मजदूर थे और अब आलीशान बंगलों के मालिक हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर महानगरों में उनकी बड़ी-बड़ी कोठियां हैं।
इनके हाथ कुबेर का खजाना कैसे लगा, इसकी जांच आयकर विभाग करेगा, लेकिन गतिविधियों की कुंडली तैयार कर रिपोर्ट पुलिस को देनी है। करीब एक माह पहले तैयार की गई सूची में 42 ऐसे संदिग्धों के नाम शामिल हैं, जो अचानक अकूत संपत्ति के मालिक बन गए हैं। प्रदेश में धर्मांतरण का फिर मामला गर्म होने पर एडीजी जोन अखिल कुमार ने निगरानी के निर्देश दिए हैं।
भारत-नेपाल सीमा के खुनुवां सीमा पर स्थित शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में सर्वाधिक तीन नवधनाढ्य चिह्नित किए गए हैं। इनमें से दो संदिग्ध एक दशक पहले दिहाड़ी मजदूरी करते थे। भारत-नेपाल सीमा से एकदम सटे गांव के नेपाल निवासी एक संदिग्ध को वर्ष 2015 में नेपाल पुलिस ने सीमावर्ती गांव मर्यादपुर के पास से नकली भारतीय मुद्रा व असलहों की खेप के साथ गिरफ्तार किया था। इस नवधानढ्य के पास काठमांडू से लेकर दिल्ली तक में कई संपत्तियां हैं।
एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस, संदिग्धों की हर गतिविधियों पर नजर रख रही है। अचानक अकूत संपत्ति के मालिक बन गए इन लोगों की सूची तैयार की जा रही है। आयकर विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इनकी पूर्व की स्थिति की जांच की जा रही है। इनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।