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Satta Ka Sangram: युवाओं के बीच हुई चर्चा, कुछ रोजगार पर गरम दिखे- वहीं, गोरखपुर का विकास भी युवाओं को भाया

Sat, 25 May 2024 02:22 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

atta Ka Sangram: सुबह चाय पर चर्चा कर आम मतदाताओं के मुद्दों को जानने के बाद दोपहर में विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क में युवाओं के मुद्दों पर युवाओं संग बातचीत की गई। इसमें पहली बार के मतदाताओं के बीच भी टीम गई। इनकी सोच और सुझावों को अमर उजाला डिजिटल प्लेटफार्म पर रखा।
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सत्ता का संग्राम- युवाओं से मतदान को लेकर उनका पक्ष जाना-समझा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला की लोकसभा चुनाव को लेकर ग्राउंड जीरो पर मौजूद है और सत्ता का संग्राम अभियान के तहत जनता का मन टटोलने का प्रयास कर रही है। इस कड़ी में टीम शनिवार को गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में पहुंची। सुबह चाय पर चर्चा कर आम मतदाताओं के मुद्दों को जानने के बाद दोपहर में विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क में युवाओं के मुद्दों प युवाओं संग बातचीत की गई।
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इसमें पहली बार के मतदाताओं के बीच भी टीम गई। इनकी सोच और सुझावों को अमर उजाला डिजिटल प्लेटफार्म पर रखा। बतौर युवा, उनके मुद्दे और आने वाली सरकार को सुझाव के तौर पर सभी युवाओं को टीम ने टटोला और उनकी जिज्ञासा को समझने और समझाने का प्रयास किया।

छात्र योगेश सिंह ने बताया कि जब हम विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने आते हैं, तो हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। परिवार भी इसी उम्मीद के साथ अपने बेटे को देखते रहते हैं। लेकिन, रोजगार जब हिस्से नहीं मिलती तो युवा के साथ परिवार को भी निराशा मिलती है।
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सरकार खुद देखे कि रोजगार के कितने मौके इन्होंने दिए हैं? छात्र देवेंद्र सिंह देव ने कहा कि विश्वविद्यालय का मैं खुद छात्र और खिलाड़ी हूं। लेकिन, खेल के क्षेत्र में किसी तरह का कोई अवसर नहीं उपलब्ध करवाया गया। कॉमनवेल्थ में बढ़ियां प्रदर्शन करने वाले को विश्वविद्यालय प्रबंधन की तरफ से कोई सम्मान नहीं दिया।

आदित्य वर्मा ने कहा कि किसी भी पार्टी का चुनाव करें, लेकिन वो वही होगी जो हमारे लिए रोजगार की व्यवस्था करे, उसी का चुनाव करेंगे। कहा, जब लोग पूछते हैं कि बाबू नौकरी कब लगेगी? ये सवाल बहुत चुभता है। छात्र विनीत सिंह खेलों को लेकर विश्वविद्यालय से लेकर सरकार की तरफ से कोई प्रोत्साहन नहीं मिल रहा, ये दुखद है।

रोजगार नहीं है। भर्तियां रद्द हो जाती हैं। छात्रों ने कहा धर्म- संप्रदाय को छोड़कर विकास की बात, रोजगार की बात करने वाली पार्टियों को चुनने की अपील की।
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