राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने तीन महीने के अंदर एकला बंधे पर कूड़ा गिराना बंद करने का निर्देश दिया है। गोरखपुर में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एजीटी ने यह निर्णय लिया है। कूड़ा के ढेर की वजह से राप्ती का जल तो प्रदूषित हो ही रहा है। वायु प्रदूषण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
एनजीटी ने शनिवार को राम मिलन साहनी बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश मामले की वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है।
राममिलन शाही की ओर से शिकायत की गई थी कि राप्ती किनारे एकला बंधे के होने की वजह से बाढ़ के दौरान अक्सर बाढ़ का पानी कूड़े को अपने साथ नदी में बहाकर ले जाता है।
इससे जल जनित बिमारियों को बढ़ावा मिलता है। साथ ही साथ सामान्य दिनों में वायु प्रदूषण भी होता रहता है। आसपास से गुजरने वाले लोगों को नाक बंद करके गुजरना पड़ता है। आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण पंकज यादव ने बताया कि एनजीटी ने नगर निगम को तीन महीने के अंदर एकला बंधे पर कूड़ा गिराना बंद करने का निर्देश दिया है।
बता दें, कि गोरखपुर शहर से प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जिसे नगर निगम की ओर से एकला बंधे सहित विभिन्न स्थानों पर गिराया जाता है। वीडियो कांफ्रेसिंग में एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि मौजूद