उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एसटीएफ के एक पत्र के बाद बेसिक शिक्षा विभाग तीन शिक्षकों के रिकॉर्ड खोजने में जुट गया है। एसटीएफ लखनऊ की टीम ने जिले के तीन शिक्षकों का गोपनीय रिकॉर्ड तलब किया।
ये शिक्षक जिले में कहां तैनात हैं, इसके लिए बीएसए ने समस्त बीईओ को पत्र जारी कर रिकॉर्ड खोजने के निर्देश दिए हैं। एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी तरीके से नियुक्ति पाए शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी तरीके से नियुक्ति पाए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच एसटीएफ की टीम कर रही है। संतकबीरनगर जनपद में अबतक एसटीएफ की रिपोर्ट पर आठ शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। इधर, एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक ने बीएसए को पत्र लिखकर तीन शिक्षकों के रिकॉर्ड मांगे हैं।
इन तीनों शिक्षकों के ब्लॉक व विद्यालय के नाम नहीं हैं, पर शिक्षकों की जन्मतिथि और शिक्षकों के नाम तथा उनके पिता के नाम अंकित हैं। एसटीएफ के पत्र के बाद बेसिक शिक्षा विभाग इन शिक्षकों का पता लगाने में जुटा हुआ है।
बीएसए ने बीईओ को पत्र जारी कर कहा है कि तीनों शिक्षकों का मिलान मानव संपदा पोर्टल पर कर लिया जाए। अगर शिक्षक जिले में तैनात हैं तो उनके समस्त प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रति दो दिन में गोपनीय तरीके से उपलब्ध कराई जाए। यदि ये शिक्षक किसी ब्लॉक में तैनात नहीं हैं तो संबंधित ब्लॉक के बीईओ शिक्षकों के उनके ब्लॉक में तैनात न होने का प्रमाणपत्र भी देंगे। ताकि पूरी रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जा सके।
इस संबंध में बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि समस्त बीईओ से तीनों शिक्षकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अगर जिले में ये शिक्षक हैं तो उनका पूरा रिकॉर्ड एसटीएफ को सौंप दिया जाएगा।