एसआईटी प्रभारी संदिग्धों के खरीदे गए स्टांप की जांच करेंगी
मुख्य आरोपी को जेल भेजने के बाद से पुलिस जुटा रही तथ्य
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी स्टांप प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी संदिग्धों द्वारा खरीदे गए स्टांप की ट्रेजरी से मिलान कर रही है। ताकि इसकी जानकारी हो सके कि वह फर्जी स्टांप बेच रहे थे या फिर वास्तव में अंजाने में इस काम में थे। पुलिस सामने आए 17 संदिग्धों में से एक-एक की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी रविदत्त को जेल भेजने के बाद से ही किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस की पूरी कोशिश है कि पहले संदिग्धों के खिलाफ साक्ष्य जुटा लिया जाए, तभी गिरफ्तारी की जाए। खबर है कि जल्द ही एसआईटी पूरे गिरोह में शामिल आरोपियों को दबोच कर पर्दाफाश कर लेगी।
जानकारी के मुताबिक, फर्जी स्टांप का मामला सामने के बाद से ही पुलिस इसकी तह तक जाने के लिए गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने पहले जांच को एसआईटी और फिर अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर इसे एसआर केस भी घोषित कर दिया। अब एसआईटी एक-एक कदम साक्ष्यों के साथ आगे बढ़ा रही है। एसआईटी को मास्टरमाइंड से पूछताछ और वेंडरों की जांच में जो साक्ष्य अब तक मिले हैं, उसमें 17 लोग संदेह के घेरे में हैं। इसमें वह लोग भी शामिल हैं जो हो सकता है कि गिरोह में नहीं हैं, लेकिन अंजाने में ही सही ये भी कभी न कभी फर्जी स्टांप का इस्तेमाल किए हैं। इसी वजह से पुलिस इनके द्वारा बेचे गए स्टांप का ट्रेजरी से मिलान कराने के लिए पत्राचार की है।
यह हुआ था
10 जनवरी को हुमायूंपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन ने शिकायत की थी। उनका कहना है कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन द्वारा भारतीय कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था। अधिवक्ता की मदद से आवेदन करने पर पता चला कि स्टांप ही फर्जी है। महज तीन हजार का स्टांप सही पाया गया, बाकी 50 हजार का फर्जी था। डीएम के आदेश पर नासिक भी पत्र भेजकर इसके फर्जी होने की पुष्टि करा ली गई। इसके बाद ही पुलिस केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
कोट
एसआईटी पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस जांच व साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जो भी लोग इस गिरोह में शामिल हैं, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर कार्रवाई करेगी।
- अंशिका वर्मा, सीओ कैंट/प्रभारी एसआईटी