वाटर स्पोर्ट्स कंपलेक्स में रोइंग के लिए प्रशिक्षण लेते हैं खिलाड़ी।
गोरखपुर। तैराकी प्रशिक्षण के बाद रोइंग के दूसरे चक्र का अभ्यास वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुरू हो गया है। कोच गणेश निषाद की देखरेख 35 खिलाड़ियों को वेट व एंडोरेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस महीने के अंत तक जर्मनी से 20 बोट आ जाएंगे, जिसके बाद खिलाड़ी रामगढ़ताल में बोट से अभ्यास शुरू करेंगे।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के अंतर्गत रामगढ़ताल में आयोजित हुई रोइंग प्रतियोगिता की सफलता के बाद रामगढ़ताल को देश में पर्यटन के साथ ही रोइंग खेल के नक्शे पर उभर गया। लेकिन, इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश से सिर्फ प्रयागराज की टीम ने भाग लिया और उसे हार का मुंह देखना पड़ा। प्रदेश में और कहीं भी रोइंग का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। इस खेल के बाद खेल विभाग ने यहां रोइंग की संभावनाओं को देखते हुए रोइंग कोच की नियुक्ति कर दी और जर्मनी को 20 बोट के भी ऑर्डर दे दिए।
इस बीच 14 से 18 वर्ष तक के 35 बच्चों का पंजीकरण हुआ। इसके बाद बच्चों को पहले क्षेत्रीय क्रीड़ांगन में तैराकी का प्रशिक्षण दिया गया। तैराकी सीखने के बाद बच्चे अब वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दूसरे चक्र का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस महीने के अंत तक जर्मनी से बोट आ जाएंगे, जिसके बाद बच्चों को रामगढ़ताल में अभ्यास कराया जाएगा।
10 से 20 लाख तक की है बोट
सिंगल : 10 लाख रुपये
डबल : 15 लाख रुपये
क्वाड्रपल : 20 लाख रुपये
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वर्जन
वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सुबह और शाम बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जर्मनी से बोट आने वाली हैं। बोट आने के बाद बच्चों को रामगढ़ताल में अभ्यास कराया जाएगा।
-गणेश निषाद, कोच रोइंग