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गुरु पूर्णिमा: CM योगी बोले- भारत के खिलाफ हो रही साजिशों को समझना होगा, वर्तमान कालनेमियों से रहें सावधान

Wed, 29 Jul 2026 02:54 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

सीएम योगी बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में विगत 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। कहा कि सनातन की पावन धारा में हर मत, संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। इसमें कुछ विषधर आकर इसे डंसने का प्रयास करते हैं। हमें सनातन संस्कृति व परंपरा पर आघात कर भारत को अस्थिर करने वाले प्रयासों के खिलाफ जागरूक होना होगा।
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सीएम योगी - फोटो : स्त्रोत-सोशल मीडिया
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विस्तार
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गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सावधान और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि हम सभी को भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा।

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कुछ ताकतें भारत की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति एवं परंपरा को तबाह करना चाहती हैं। अपने ही समाज में कालनेमि का रूप धारण कर बैठे देश विरोधी षड्यंत्रकारियों से हम अनभिज्ञ बने रहेंगे तो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसी स्थिति होगी। 

सीएम योगी बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में विगत 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
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गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्पार्चन करने तथा व्यासपीठ का पूजन करने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी समाज के कुछ लोग ही दुनिया की उन ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं जो सनातन संस्कृति पर आघात करने में लगी हुई हैं।

ऐसी ताकतों और उनके प्रवक्ताओं से जो व्यक्ति एवं समाज सतर्क व सावधान रहकर अपने परिमार्जन के लिए तैयार रहेगा, उसका परिवार तथा समाज उतना अधिक सुख रहेगा। समाज सुखी रहेगा तो राष्ट्र को समृद्धि के पथ पर अग्रसर होने से कोई नहीं रोक आएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 12 वर्षों से तीव्र प्रगति कर रहा भारत अगले दो तीन वर्षों में दुनिया के तीन शीर्ष देशों में सम्मिलित हो जाएगा। अपनी प्रगति यात्रा में भारत ने जिन्हें पछाड़ा, उन्हें अच्छा न लगना स्वाभाविक है। कई ताकतों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लगती। सीएम योगी ने कहा कि ऐसी ताकतों ने देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की योजना बनानी प्रारंभ कर दी है। 

नक्सलवाद समाप्त तो चैन से कैसे बैठेंगे इसे प्रेरित करने वाले
सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था। आज एक भी जिले में नक्सलवाद नहीं है। ऐसे में नक्सलवाद को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने वाले चैन से बैठने की बजाय दूसरे रूप में और छद्म नाम से आएंगे।

मुख्यमंत्री ने रामायण कालखंड में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सबको सावधान रहना होगा। ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा जो भारत के खिलाफ षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहते हैं। समाज को एकजुट होकर हुंकार भरनी होगी कि हम देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं करेंगे। 

प्रगति पर मुग्ध होने से बचना होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत जब भी अपनी एक बड़ी यात्रा पर होता है तो बड़ी चुनातियों का आना भी शुरू हो जाता है। जब श्रीराम का राजतिलक होना था तो परिवार में फूट डालकर उन्हें वनवास दे दिया गया। वनवास से लौटकर जब उन्होंने रामराज्य की स्थापना की तो माता जानकी को वनवास के लिए जाना पड़ा।

महाभारत कालखंड में जब इंद्रप्रस्थ अपने वैभव पर था तब महाभारत का शंखनाद हो गया। उन्होंने कहा कि भारत के स्वर्णयुग में भी ऐसी स्थिति आई। उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त और चाणक्य की जोड़ी के समय विश्व की 45 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर भारत का कब्जा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम मुग्ध हो जाते हैं तो कुछ ऐसे भो लोग होते हैं जो खुरपेंच में विश्वास करते हैं। उनका प्रयास व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने की होती है। हमें प्रगति पर मुग्ध होने से बचना होगा, व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने वालों से सतर्क रहना होगा। 

सनातन की पावन धारा में आ जाते हैं विषधर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन की पावन धारा में हर मत, संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। इसमें कुछ विषधर आकर इसे डंसने का प्रयास करते हैं। हमें सनातन संस्कृति व परंपरा पर आघात कर भारत को अस्थिर करने वाले प्रयासों के खिलाफ जागरूक होना होगा। इसमें सिर्फ स्कूली शिक्षक ही नहीं बल्कि गुरु के रूप में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। 

मातृशक्ति व मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के ही पात्र
सीएम योगी ने कहा कि इस देश में कई सारे लोग पश्चिम की हवा में बह गए हैं। वे दुर्गा पूजा में राक्षस चण्ड मुण्ड की पूजा करेंगे। जेएनयू में उन्हें महिमामंडित करने का प्रयास करेंगे। सनातन पर्वों के आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे।

ऐसे लोगों के लिए हजारों वर्ष पुरानी श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता सबक है। रावण हो या बालि, दोंनो ने ही मातृशक्ति का अपमान किया था और बदले में उन्हें मौत मिली थी। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के ही पात्र हैं। 

आरती के साथ हुआ श्रीरामकथा का विश्राम
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई से चल रही श्रीरामकथा का विश्राम व्यासपीठ पर विराजमान श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की आरती के साथ हुई। सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होंने कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने गुरु की महिमा पर एक कर्णप्रिय भजन सुनाया।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, समेत कई साधु-संत, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रबुद्धजन व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

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