उरुवा हत्याकांड में पत्नी फूलमती को मरा समझने वाले पति रामसुमेर को शनिवार को जब पता चला कि पत्नी जिंदा है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उरुवा थाना पहुंचे और पत्नी को डांटते हुए कहा, बिना बताए कोई कहीं जाता है। वहीं, पुलिस ने जब उनसे पूछा कि शव की पहचान पत्नी के रूप में क्यों की, यह सुनकर चेहरे पर पसीना आ गया। उन्होंने कहा कि साहब! शव देखने से पत्नी का लगा, इसलिए पहचान कर दाह संस्कार कर दिया।
रामसुमेर उसी दिन से प्रण कर लिया था कि वह पत्नी का क्रिया-कर्म तभी करेंगे, जब आरोपी पकड़ा जाएगा। इसलिए उन्होंने दाह संस्कार के बाद तीर लेना या कोई भी औपचारिकता नहीं पूरी की थी। जबकि इसके लिए उनके रिश्तेदारों ने उन्हें काफी समझाया भी था। देर शाम पूछताछ के बाद पुलिस ने फूलमती को पति रामसुमेर के साथ ससुराल भेज दिया।
शुभम को भाई बताकर कराती थी लोगों से परिचय
पुलिस ने जब हत्या का खुलासा करने के लिए जांच आगे बढ़ाई तो आरोपी नहीं मिला, लेकिन रामसुमेर और फूलमती के बीच क्या चल रहा है, इसकी जानकारी जरूर पुलिस के हाथ लगी। फूलमती 14 जून को मायके बेलघाट के शाहपुर गई थी। वहां से 15 जून को ससुराल जाने के लिए निकली। इसके बाद से ही वह लापता हो गई। पति ने 18 जून को बांसगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने फूलमती को सुल्तानपुर के युवक शुभम के साथ शुक्रवार देर रात झांसी में पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि शुभम पहले भी फूलमती के साथ देखा जा चुका है। वह शुभम को अपना भाई बताकर लोगों से परिचय कराती थी। 15 जून को शुभम और फूलमती गोरखपुर से एक साथ ट्रेन निकले थे। पीछे-पीछे उरुवा पुलिस भी फूलमती के मोबाइल फोन का लोकेशन लेते हुए झांसी पहुंची और दोनों को पकड़ ली।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
शिखा दुबे हत्याकांड : प्रेमी के साथ जिंदा मिली थी युवती
11 जून 2011 को सिंघड़िया में युवती का शव मिला था। इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी निवासी रामप्रकाश ने शव की पहचान कर उसे अपनी बेटी शिखा दुबे बताया था। रामप्रकाश की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज हुआ। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि आरोपी दीपू सोनभद्र में है। सोनभद्र पहुंचने पर पता चला कि दीपू के साथ ही शिखा भी मौजूद थी। पूछताछ में पता चला कि प्रेमी दीपू के साथ मिलकर शिखा ने युवती की हत्या कर उसे अपने कपड़े पहनाए थे।
भाई ने हत्या केस किया, बहनें जिंदा मिली
दिल्ली में रह रहे बेलघाट क्षेत्र के एक परिवार की दो बहनें तीन जनवरी 2023 को लापता हो गईं। भाई ने गांव के एक युवक और उसके परिवार के लोगों पर हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए आठ जनवरी 2024 को कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया। पुलिस की जांच में पता चला कि दोनों बहनें जिंदा हैं और उन्होंने हरियाणा और उत्तराखंड के रहने वाले अपने-अपने प्रेमी से शादी कर ली हैं। दोनों के एक-एक बच्चे भी हैं। इसके बाद दोनों बहनों को बुलाकर पुलिस ने कोर्ट में बयान कराया।