गोरखपुर। साहब! तीन साल पहले तूफान में मकान ढह गया था। लेखपाल ने घर पहुंचकर सर्वे भी किया, लेकिन अब तक मदद नहीं मिली। करीब दस बार उनके पास जा चुके हैं। हर बार नई तारीख मिलती है, पर समस्या का समाधान नहीं होता। शनिवार को सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में शांति देवी ने अधिकारियों के सामने यह पीड़ा बयां की तो सरकारी व्यवस्था की चौखट पर न्याय के इंतजार की तस्वीर सामने आ गई। उनकी तरह कई फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंचे थे। किसी को जमीन के विवाद में तीन साल से चक्कर काटने पड़ रहे हैं, तो कोई मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई के लिए भटक रहा है। सदर तहसील में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ समेत अन्य अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान फरियादियों ने अपनी समस्याएं बताते हुए जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगाई।