अब डुमरियागंज क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं पर तत्काल काबू पाया जा सकेगा। क्योंकि रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव में फायर स्टेशन भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो आखिरी चरण में है। जल्द ही फायर स्टेशन की परियोजना जमीन पर उतर जाएगी। इससे डुमरियागंज और इटवा क्षेत्र में भी आग लगने की घटनाओं पर समय से काबू पाया जा सकेगा।
डुमरियागंज में अग्निशमन केंद्र न होने के कारण शाहपुर मंडी में आठ कमरों में 20 स्टाफ रहकर किसी तरह विभागीय कार्य चलाते हैं। यहां न तो पर्याप्त संसाधन हैं, और न ही अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए उपयुक्त आवास। ऐसे में किसी तरह यहां कार्य हो रहा है। लगभग चार वर्ष पूर्व रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव में जमीन का अधिग्रहण कर अग्निशमन विभाग के कार्यालय एवं आवास का निर्माण शुरू हुआ।
कार्यदायी संस्था सिडको को 10 करोड़ रुपये की लागत से फायर सर्विस स्टेशन का निर्माण करना था। निर्माण की लागत लगभग 10.50 करोड़ है। काम आखिरी चरण में है। आवास आदि का निर्माण पूरा हो चुका है। जल्द ही यह अस्तित्व में आ जाएगा। इससे न सिर्फ डुमरियागंज बल्कि इटवा तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव में होने वाले घटनाओं पर काबू पाया जा सकेगा।
पूर्व विधायक रघुवेंद्र प्रताप सिंह ने किया था शिलान्यास
पूर्व विधायक रघुवेंद्र प्रताप सिंह ने सात जून 2020 को 10 करोड़ की लागत से अग्निशमन विभाग के लिए आवास एवं कार्यालय बनवाने के लिए शिलान्यास किया था। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
निर्माण कार्य चल रहा है। कार्यदायी संस्था को अब तक लगभग आठ करोड़ रुपये मिल चुके हैं। कार्य भी लगभग 80 फीसदी पूर्ण हो चुका है। 2.50 लाख रुपये अवमुक्त के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। इसके आते ही कार्य पूर्ण करके संचालन शुरू हो जाएगा।
-नसरुद्दीन खान, अग्निशमन अधिकारी