गोरखपुर स्टेशन पर एसी-स्लीपर कोच में हो रही है जांच, केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही रहेंगे कोच में
आरक्षित सीटों पर कब्जे की बढ़ती शिकायतों को कम करने के लिए रेलवे ने किया उपाय
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अगर आपने ट्रेन से यात्रा की योजना बनाई है और सीट कंफर्म नहीं है तो अन्य विकल्प तलाश लें। ऐसा इसलिए कि आरक्षित बोगी में वेटिंग टिकट पर यात्रा की अनुमति नहीं है। ऐसे में किसी न किसी स्टेशन पर जांच करने पहुंची टीम आपको सामान समेत ट्रेन से नीचे उतार देगी। बीच रास्ते में ट्रेन से उतरने पर यात्रा भी अधूरी रहेगी और दिक्कत होगी वह अलग।
गोरखपुर स्टेशन पर हर दिन सत्याग्रह, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति और वैशाली सुपर फास्ट में आरक्षित बोगियों की जांच की जा रही है। शनिवार को भी सत्याग्रह एक्सप्रेस में जांच कर ऐसे 20 से अधिक यात्रियों को उतारा गया।
ट्रेन की आरक्षित बोगी में केवल उन्हीं को यात्रा करने का अधिकार है, जिनके पास कंफर्म सीट का टिकट है। ऑनलाइन बुकिंग करने वालों का टिकट अगर वेटिंग है तो चार्ट बनते ही स्वत: कैंसिल हो जाता है और उसका पैसा खाते में वापस आ जाता है। वहीं काउंटर से वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद फिर काउंटर पर जाकर कैंसिल कराना पड़ता है।
कुछ लोग वेटिंग टिकट को कैंसिल कराने के बजाय इसे लेकर भी आरक्षित बोगी में घुस जाते हैं। ये लोग दूसरे की आरक्षित सीट पर बैठ जाते हैं, जिससे उस यात्री को परेशानी होती है। यात्री आए दिन शिकायत करते रहते हैं। सबसे अधिक दिक्कत गोरखपुर से दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों में होती है।
इसे रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अधिक भीड़ वाली ट्रेनों में आरपीएफ और वाणिज्य विभाग की टीम गठित कर विशेष जांच शुरू कराई है। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस के अलावा बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति और वैशाली सुपर फास्ट ट्रेन में हर दिन जांच हो रही है। वेटिंग टिकट वाले अनाधिकृत यात्रियों को सामान समेत नीचे उतार दिया जा रहा है।
वेटिंग टिकट पर यात्रा से बिगड़ती है व्यवस्था
वेटिंग टिकट लेकर आरक्षित कोच में घुसने वाली यात्री अपने लिए सीट की तलाश में टीटी को पकड़ते हैं। कुछ ले-देकर बात बन गई तो ठीक, नहीं तो दो सीट के बीच या गलियारे में ही चादर बिछाकर सो जाते हैं। इन अनाधिकृत यात्रियों के चलते उन यात्रियों को दिक्कत होती है, जिनके पास कंफर्म टिकट है। दरअसल ट्रेन में चलने वाले कोच अटेंडेंट ऐसे अनाधिकृत यात्रियों के साथ सेटिंग कर उन्हें किसी खाली बर्थ, सामान रखने वाली जगह या फिर पैंट्री कार में छिपाकर बैठाते थे। इस बात को लेकर कई बार टीटी व कोच अटेंडेंट के बीच विवाद तक हो चुका है। टीटी एसोसिएशन इस मामले को लेकर मुखर हो रहा था।
जनरल कोच के शौचालय को भी करा रहे खाली
जनरल कोच में शौचालय में घुसकर कब्जा कर लेने के मामले लगभग हर ट्रेन में दिखते हैं। इससे बोगी के अन्य यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए आरपीएफ ने जनरल कोच की जांच कर शौचालय में बैठे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। शनिवार को सत्याग्रह एक्सप्रेस के जनरल कोच के शौचालय में घुसे कई यात्रियों को बाहर निकाला गया।