कोतवाली थाने की बेनीगंज पुलिस चौकी। उद्घाटन के समय की फोटो, आलोक सिंह इसी चौकी में प्रभारी था।
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एक प्रभावशाली नेता के पैरवी की भी चर्चा
चर्चा है कि इस मामले में मंडल स्तकीय एक प्रभावशाली नेता ने भी तत्कालीन चौकी इंचार्ज से पैरवी की थी। सूत्रों ने बताया कि पीड़ित और उस नेता के बीच कई बार संवाद भी हुआ था। इसमें नेता से लीवर ट्रांसप्लांट के लिए पैसे लेकर जाने की बात व्यापारी ने कही थी।
चौकी के सूत्रों ने बताया कि पैरवी के दौरान चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने ऐसे किसी मामले से ही इंकार कर दिया था। नेता के अलावा कुछ और लोग भी पैरोकार के तौर पर चौकी तक गए थे। सूत्रों ने दावा किया कि जांच टीम अगर आलोक सिंह के मोबाइल की काॅल डिटेल और चौकी के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर ले तो इन पैरोकार की पहचान और उनके नाम भी सामने आ जाएंगे।
यह हुआ था
तीन अप्रैल को चेकिंग के दौरान बेनीगंज चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने व्यापारी नवीन कुमार श्रीवास्तव के 50 लाख रुपये छीन लिए थे। व्यापारी की शिकायत पर कोतवाली थाने में दरोगा आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिया था।
नवीन श्रीवास्तव की तहरीर पर कोतवाली थाने में चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव और तीन अज्ञात के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में केस कर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।