महिला को काबू में करने में पुलिस काे छूटा पसीना
सात साल से चल रहा विवाद, अचानक महिला ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पुलिस ऑफिस में कैंपियरगंज शिवपुर करमहा की सुनीता ने अचानक खुद पर पेट्रोल उड़ेल कर सोमवार को हड़कंप मचा दिया। बचाने का प्रयास करने जब पुलिसकर्मी आगे बढ़े तब हाथ में लाइटर लेकर धमकी देने लगी कि अगर एक कदम भी कोई आगे बढ़ा तो आग लगा लूंगी। यह कहते हुए उसने दो बार लाइटर जलाने का प्रयास किया, लेकिन विफल रही। तभी सिपाही हरीश ने दौड़कर सुनीता के हाथ से लाइटर छीना, तब जाकर पुलिसकर्मियों के चेहरे से तनाव कम हुआ, वरना एक बड़ी घटना घट सकती थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को करीब एक बजे सुनीता तीन मासूम बच्चे प्रिंस (7), शिवांगी (6) और दिव्यांशु (4) के साथ पुलिस ऑफिस में दाखिल हुई। एक हाथ से उसने बच्चों को पकड़ा था, दूसरे हाथ में एक लीटर वाली बोतल में पेट्रोल ली हुई थी। परिसर की झाड़ियों में पहले उसने पेट्रोल से भरी बोतल काे छुपा दिया। इसके बाद पर्ची कटवा कर एसपी दक्षिणी जितेंद्र कुमार से मिलकर प्रार्थनापत्र दिया।
एसपी दक्षिणी की बातों से वह संतुष्ट नहीं हुई। उसने फिर एसएसपी से मिलने का प्रयास किया। एसएसपी ऑफिस के बाहर खड़े पुलिस कर्मी ने सुनीता को थोड़ी देर रुकने के लिए कहा। इसके बाद वह परिसर में ही झाड़ियों की तरफ गई। वहां बोतल निकालकर अपने सिर पर पेट्रोल उड़ेलने लगी। उसे बचाने में सिपाही हरीश की आंखों में पेट्रोल चला गया। इसके बाद सुनीता को एसएसपी से मिलवाया गया।
कैंपियरगंज से ही पेट्रोल लेकर आई थी
सुनीता ने बताया कि वह सात साल से दौड़ रही है। आरोप है कि उसके खेत के बगल में गांव के ही एक परिवार के प्रभू यादव, तीरथ, सूरज, सुग्रीव, जगरनाथ, संगम और धमधम का खेत है। यह लोग मिलकर मेरे खेत पर कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए वह कैंपियरगंज के एक पेट्रोल पंप से तेल लेकर पुलिस ऑफिस में आत्मदाह करने आई थी।
महिला के विपक्षी बोले
इस मामले में प्रभू के बेटे सूरज ने बताया कि खेत की पैमाइश जब चाहे तब करा लें, जो भी उनका निकलेगा, उसे छोड़ दिया जाएगा, लेकिन बार-बार परेशान न किया जाए। आरोप है कि महिला कई तरीके से परेशान कर रही है।
कोट
सीओ और मजिस्ट्रेट ने मौके पर जाकर जांच की है। महिला का जेठ और जेठानी से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा है। यह मामला कोर्ट में भी चल रहा है। कोर्ट का जो आदेश आएगा वही मान्य होगा।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी