शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर 81 दिनों तक चली 'गविष्ठि यात्रा' के समापन पर बुधवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी यात्रा और आगामी कार्यक्रमों को प्रशासनिक स्तर पर बाधित करने का प्रयास किया गया तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
बुधवार को राम जानकी नगर स्थित एक निजी लॉन में आयोजित प्रेसवार्ता में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि 24 जुलाई को लखनऊ में प्रस्तावित आशीर्वाणी सेना के संकल्प समारोह के लिए एक माह पहले मैदान का शुल्क जमा किया गया था और 15 दिन पहले अनुमति के लिए आवेदन भी दिया गया था, लेकिन अब तक प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत बताते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम को जानबूझकर रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि गविष्ठि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर उनके समर्थकों को धमकाया गया और सहयोग करने वालों को प्रशासनिक नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद यात्रा को व्यापक जनसमर्थन मिला।