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खाकी पर दाग: दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज, पीड़िता का आरोप- अविवाहित बताकर प्रेम जाल में फंसाया

Sat, 27 Aug 2022 07:01 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, चौरीचौरा (गोरखपुर)।

सार

आरोप है कि दरोगा ने कप्तानगंज के एक मंदिर में शादी भी रचाई, लेकिन कानूनी मान्यता देने से बचता रहा। बाद में पता चला कि दरोगा की पत्नी व दो बच्चे भी हैं। दरोगा पर जबरन गर्भपात कराने और शादी का दबाव डालने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र की एक युवती की तहरीर पर दरोगा विनय कुमार के खिलाफ शुक्रवार देर रात दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। केस दर्ज होने से दरोगा की मुश्किल और बढ़ गई है। चौरीचौरा थाने में दर्ज केस के मुताबिक, दरोगा की तैनाती कुशीनगर के कप्तानगंज थाने में थी। इसी दौरान दरोगा विनय कुमार युवती के संपर्क में आया। युवती का आरोप है कि दरोगा शादीशुदा है, फिर भी खुद को अविवाहित बताकर प्रेम जाल में फंसाया। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। 

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इस बीच दरोगा का तबादला गोरखपुर के चौरीचौरा थाने में हो गया। थाने में तैनाती के दौरान युवती से विवाद हुआ था। इसके बाद युवती ने आत्मघाती कदम उठाया, लेकिन आसपास के लोगों ने बचा लिया। यह मामला तत्कालीन एसएसपी डॉ विपिन ताडा के पास पहुंचा था। एसएसपी ने तत्काल विनय कुमार को निलंबित करके पुलिस लाइंस से संबद्ध कर दिया था, लेकिन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। अब युवती ने एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। एसएसपी ने चौरीचौरा पुलिस को केस दर्ज करके गहनता से छानबीन करने का निर्देश दिया। इसी का नतीजा रहा कि दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म सहित कई धाराओं में केस दर्ज करके जांच शुरु कर दी गई है।

 
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पुलिस कर्मियों के खिलाफ पहले भी दर्ज हुए केस
गोरखपुर में पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने का सिलसिला लंबे समय से जारी है। कोतवाली पुलिस ने एक दरोगा के खिलाफ गैर इरातन हत्या का केस दर्ज किया था। इस मामले में दरोगा की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसी तरह शाहपुर पुलिस व गीडा पुलिस ने खाकीधारियों के खिलाफ लूट का केस दर्ज किया था। रामगढ़ताल थाने में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सहित छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था। कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। गिरफ्तार आरोपियों को तिहाड़ जेल भेजा गया था।
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