खुदकुशी के लिए उकसाने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कमालुद्दीन ने आरोपी पति को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल सिकरी भट्टोलिया निवासी अभियुक्त पति चंद्रशेखर राजभर पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को पांच माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय एवं सिद्धार्थ सिंह का कहना था कि वादी सुभाष की बहन सुमित्रा की शादी छह वर्ष पूर्व अभियुक्त चंद्रशेखर के साथ हुई थी। उसकी बहन और बहनोई के बीच दहेज को लेकर कलह चल रहा था।
12 मार्च 2009 को दोनों के बीच दहेज की बात को लेकर विवाद हो गया। 13 मार्च 2009 को अभियुक्त वादी की बहन को तरह-तरह से परेशान करते हुए असहनीय बात कही। जिससे क्षुब्ध होकर वादी की बहन सुमित्रा अपने दोनों बच्चों को लेकर खोराबार पुराना रेलवे स्टेशन के सामने बच्चों सहित कटकर मर गई।