गोरखपुर। पूर्व आयकर आयुक्त डॉ. राम समुझ के खोराबार स्थित सिद्धार्थ गौतम फाउंडेशन के कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया गया, जबकि उन्होंने बिल में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए सुधार का अनुरोध किया था। पूर्व आयकर आयुक्त का कहना है कि अचानक बिजली काटने से कार्यालय परिसर में पानी का भी संकट खड़ा हो गया, जिससे वहां रहने वालों को दिक्कत हुई। इस परिसर में लगे लाखों रुपये के फूल भी सूख गए। आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर अधिशासी अभियंता कार्यालय में उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
डॉ. राम समुझ ने बताया कि उन्होंने 5 केवीए का विद्युत कनेक्शन ले रखा है। बिल तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह आता है। जनवरी में इलेक्ट्रॉनिक मीटर में फाॅल्ट के कारण अचानक बिल 33,375 रुपये आ गया। इसकी शिकायत करते हुए मीटर चेकिंग कराने व गलत बिल को सुधारने के लिए अधिशासी अभियंता मोतीराम अड्डा के कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद लोड को घटाकर तीन केवीए करने के लिए भी पत्र दिया। अधिशासी अभियंता ने जांचकर बिल सुधारने का आश्वासन दिया। उन्हें ऑफिस के बड़े बाबू से मिलने को कहा गया, लेकिन बड़े बाबू से मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद होली की छुट्टी से एक दिन पहले अचानक बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इस कार्यालय परिसर में बौद्ध धर्म के कई संतों के अलावा अन्य कर्मचारी रहते हैं। बुधवार को इसकी शिकायत लेकर परिजन जब बिजली निगम के खोराबार कैंप कार्यालय में गए तो वहां दुर्व्यवहार भी किया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ता आकर मिलें। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अगर बिल गड़बड़ है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी ने द्वेषवश ऐसा कार्य किया है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
आशु कालिया मुख्य अभियंता- गोरखपुर जोन