सेमी कंडक्टर चिप के लिए लैब तैयार हो जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इससे जोड़कर एक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना भी बना रहा है। छह महीने के इस कोर्स को पूरा करने वाले विद्यार्थी को एक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जिसके इस्तेमाल से वह देशभर में अपने शोध-कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे। यह प्रमाण-पत्र स्टार्टअप शुरू करने में भी सहयोगी बनेगा।
क्या होती है सेमी कंडक्टर चिप
सेमी कंडक्टर चिप को किसी भी इलेक्ट्रानिक उपकरण का दिमाग कह सकते हैं। यह विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करने का काम करते हैं। इसमें विद्युत के सुचालक और कुचालक गुण होते हैं। सेमी कंडक्टर चिप के जरिये ही डेटा की प्रोसेसिंग होती है। सभी तरह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इसका उपयोग होता है।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि सी-टू-एस प्रोग्राम के लिए विश्वविद्यालय चयनित है। लैब तैयार करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है, बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।