गोरखपुर के चिलुआताल में 19 जून की शाम युवक का शव मिलने के नौ दिन बाद शुक्रवार को फोटो से पिता ने उसकी पहचान की। पिता ने बेटे की हत्या का आरोप उसकी महिला मित्र पर लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, शव की पहचान के लिए 72 घंटे के इंतजार के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, फिर लावारिस में दाखिल करते हुए अंतिम संस्कार करा दिया गया था। पुलिस तहरीर के आधार पर महिला के मोबाइल फोन का सीडीआर खंगालने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
चिलुआताल थाना क्षेत्र के बेलपार उर्फ गुरुनगर निवासी रामसूरत निषाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका छोटा बेटा सिंटू चेन्नई में रहकर मजदूरी करता था। वहां पर उसकी जान-पहचान गुलरिहा थाना क्षेत्र की रहने वाली शादीशुदा महिला से हो गई। महिला मोबाइल फोन से उसके बेटे से लगातार बातचीत करती थी।
पिता ने आरोप लगाया कि चेन्नई से बेटा घर आया तो महिला भी अपने गांव आ गई। घटना से पहले उसी ने फोन कर बेटे को बुलाया था। महिला के रिश्तेदारों ने बेटे को फोन कर जान से मारने की धमकी भी दी थी। महिला ने साजिश के तहत बेटे को बुलाकर रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ताल के किनारे फेंक दिया था।