- 12 से 20 नवंबर के बीच दिल्ली एनसीआर में प्रवेश नहीं कर पाएंगी बीएस-4 बसें
- गोरखपुर से हर दिन दिल्ली जाती है करीब 50 बसें, बीएस-4 बसें बंद होने से बढ़ेंगी यात्रियों की मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिवाली के बाद रोडवेज बसों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की राह कठिन होने वाली है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 12 नवंबर से बीएस-4 बसों के दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। सिर्फ बीएस-6 बसें ही दिल्ली एनसीआर में प्रवेश कर पाएंगी। अभी गोरखपुर रोडवेज के पास इस श्रेणी की मात्र 12 बसें ही हैं। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि दिवाली तक उन्हें कुछ बीएस-6 मॉडल की कुछ बसें मिल जाएंगी। बावजूद इसके पहले से बसों की संख्या कम हो जाएंगी। जो बसें चलेंगी वह एनसीआर की सरहद से ही संचालित होंगी। उधर, ट्रेनों में छठ तक सीटें फुल हैं। ऐसे में सफर मुश्किलों भरा होने वाला है।
दिल्ली में रहने वाले यहां के लोग बड़ी संख्या में दिवाली और छठ पूजा मनाने के लिए घर आते हैं। दिल्ली से गोरखपुर आने वाली वैशाली, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति, हमसफर एक्सप्रेस आदि प्रमुख ट्रेनों में नवंबर तक वेटिंग है। ट्रेनों के फुल होने के बाद रोडवेज की बसें ही सहारा होती हैं। लेकिन, दिल्ली सरकार ने दिवाली के बाद दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए बीएस-4 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। ये रोक 12 से 20 नवंबर के तक जारी रहेगी।
ऐसे में यात्रियों को दिल्ली पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से हर दिन करीब 50 बीएस-4 बसें दिल्ली जाती हैं। वर्तमान में गोरखपुर के पास सिर्फ चार ही बीएस-6 बसें हैं, जो दिल्ली के लिए चलाई जाती हैं। रोडवेज प्रशासन का दावा है कि दिवाली के पहले उन्हें 40 बीएस-6 बसें मिल जाएंगी, जिसे दिल्ली के लिए चलाया जाएगा। इसमें गोरखपुर जिले के खाते में 12 बसें आएंगी। जाहिर है कि यात्रियों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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हवा में पांच गुना कम सल्फर घोलती बीएस-6 मॉडल की गाड़ियां
बीएस-6 श्रेणी की गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम (कण प्रति 10 लाख) होती है, जबकि बीएस-4 के धुएं में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम है। इसके अलावा बीएस-6 डीजल वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है। पेट्रोल वाहनों की तुलना में 25 प्रतिशत की कमी आएगी।
कोट
दिवाली बाद दिल्ली एनसीआर में सिर्फ बीएस-6 मॉडल की बसें ही जा सकेंगी। जल्द ही गोरखपुर परिक्षेत्र को 40 बीएस-6 मॉडल की बसें मिलने वाली हैं, जिसे दिल्ली के लिए चलाया जाएगा। यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी।
संजीव यादव, सेवा प्रबंधक, परिवहन निगम गोरखपुर परिक्षेत्र
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दिवाली में तीन गुना से ज्यादा किराया वसूल रहे निजी बस वाले
- 1100 से 1600 रुपये है सामान्य दिनों में किराया, नवंबर में 4400 रुपये तक के टिकट हो रहे बुक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिवाली और छठ में निजी बसों से दिल्ली की ओर से आने वाले यात्रियों की जेब ज्यादा ढीली होगी। बस संचालकों ने ट्रेनें में सीटें फुल होते ही बसों में टिकट बुकिंग की बढ़ती मांग को देख किराया तीन गुना से ज्यादा बढ़ा दिया है। जो टिकट वर्तमान में 1100 से 1200 रुपये में मिल रहे हैं उसकी कीमत 4400 रुपये तक कर दी गई है।
गोरखपुर से दिल्ली के लिए नौसड़ और बाघागाड़ा से इस समय 50 से ज्यादा निजी बसें चल रही हैं। इन बसों में दिल्ली से आने के लिए दो नवंबर के बाद से टिकट की बुकिंग ज्यादा है। बस संचालकों ने फ्लाइट की तरह सीट की उपलब्धता के आधार पर किराया भी बढ़ा दिया है। ऑनलाइन टिकट की बुकिंग हो रही है और नवंबर तक किराया 4000 से कम नहीं है। टिकटों के दाम में बढ़ोतरी पांच नवंबर से 25 नवंबर तक रहने वाली है। इसके बाद किराया में कमी आएगी।
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केस 1
रुस्तमपुर के अष्टभुजा दूबे ने बताया कि उनका बेटा गाजियाबाद में बीटेक की पढ़ाई करता है। दिवाली पर उसे घर आना है, लेकिन ट्रेन में लंबी वेटिंग के कारण उसे प्राइवेट बस का टिकट 4200 रुपये में खरीदना पड़ा। ट्रेनों की तरह प्राइवेट बसों का भी किराया फिक्स होना चाहिए।
केस 2
बशारतपुर के रहने वाले अनिल दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें आने का तो ट्रेन का टिकट मिल गया है, लेकिन जाने के लिए लंबी वेटिंग है। जाने के लिए जब प्राइवेट बस के टिकट बुक करनी चाही तो देखा कि दिल्ली का टिकट 4400 रुपये का मिल रहा है।
केस 3
विष्णुपुरम के रहने वाले दीपक मिश्रा ने बताया कि उन्हें ऑफिस की मीटिंग के लिए 20 नवंबर को दिल्ली जाना है, लेकिन ट्रेन की टिकट नहीं मिल रहा था, तो प्राइवेट बस का टिकट बुक कराया हूं, जो 3900 रुपये का पड़ा है। किराया बहुत ज्यादा है, लेकिन मजबूरी है तो टिकट बुक कराना ही पड़ा।