गोरखपुर। जिले में बहने वाली सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से सवा मीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे उसके तटवर्ती क्षेत्र में बाढ़ की समस्या पैदा हो गई है। सिंचाई विभाग के अभियंता बंधों की निगरानी कर रहे हैं जबकि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव आदि की व्यवस्था कर रहा है।
सिंचाई विभाग के अभियंताओं का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। कहीं कोई समस्या नहीं है। जिले की अन्य नदियां राप्ती, रोहिन, गोर्रा का जलस्तर काफी नीचे है। इस नाते कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
सरयू नदी नेपाल की पहाड़ियों से निकलकर खीरी लखमीपुर कतरनिया घाट, एलग्निब्रिज होकर अयोध्या होते जिले में प्रवेश करती है। यह नदी बड़हलगंज होते बरहज होकर बलिया जिले में गंगा में जाकर मिलती है। सिंचाई विभाग के अभियंता का कहना है कि जहां सरयू गंगा में मिलती है वह स्थान बरहज से नजदीक है। सरयू का पानी पूरी तरह से गंगा में नहीं जा पा रहा है इस नाते बरहज में इसका जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है।
वहीं, जिले में राप्ती सहित रोहिन, गोर्रा व कुआनो का जलस्तर काफी नीचे होने के कारण बाढ़ की समस्या नहीं है। यदि इस क्षेत्र में बारिश होगी और नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार करती है तो समस्या होगी।
कोट
बरहज से कुछ दूर बलिया जिले में सरयू गंगा नदी में मिलती है। गंगा का जलस्तर ऊपर आने के कारण सरयू का पानी उसमें तेजी से नहीं जा पा रहा है। इस नाते उसका जलस्तर बरहज और उसके आस पास फैल रहा है। इस नाते नदी वहां पर खतरे के निशान से काफी ऊपर है, लेकिन स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
- विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग