सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को बरहज में नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से 25 सेमी ऊपर बहने लगी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोग सहम गए हैं। भागलपुर में भागलपुर में सरयू नदी के लाल निशान पार करने से लोगों में दहशत है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से बरहज के सीता, आरती, बरहना, परशुराम सहित 12 घाटों पर बनी सीढ़ियों से पानी बहने लगा है। नदी कटइलवा से कपरवार संगम तट तक नवीन बांध पर दबाव बना रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 30 सेमी का इजाफा दर्ज किया गया है। सरयू ने इस वर्ष पहली बार खतरे के निशान को पार किया है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि नदी खतरे के निशान से ऊपर 66.75 मीटर पर बह रही है। विभाग निरंतर नजर बनाए हुए है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश से सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार दोपहर तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 64 मीटर 31 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार, नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 51 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। मंगलवार को नदी में तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि शुरू हुई थी, लेकिन बुधवार की सुबह से नदी दो सेमी प्रति घंटे की रफ़्तार बढ़ रही है। तुर्तीपार रेगुलेटर पर बुधवार को नदी 64 मीटर 31 सेमी पर पहुंच गई, जो रेगुलेटर पर अंकित खतरे के निशान 64 मीटर 30 सेमी से एक सेमी ऊपर है।
एक सप्ताह पूर्व नदी चेतावनी बिंदु छूकर नीचे आ गई थी, लेकिन दोबारा नदी में तेजी से तटवर्ती गांवों के लोग फिर सहम गए हैं। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर फैलने लगा है। प्रशासन ने अब तक बाढ़ राहत चौकियाें की स्थापना नहीं की है। पिछले साल बीजीएम इंटर कॉलेज भागलपुर, जूनियर हाईस्कूल मईल, हाईस्कूल तेलिया कला, प्राथमिक विद्यालय मौना गढ़वा को बाढ़ राहत चौकी बनाया गया था। नायब तहसीलदार बरहज जितेंद्र सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन मुस्तैद है। पिछले साल स्थापित चौकियों को ही इस बार भी बरकरार रखा गया है। तहसील कर्मचारियों को तैनात भी कर दिया गया है।