केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय की टीम रविवार को शहर में पहुंची। सोमवार को यह टीम गोपनीय तरीके से शहर में सफाई, पेयजल, शौचालय आदि की स्थिति की जांच करेगी। स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग के लिए इस टीम की रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शहरों को साफ-सफाई के आधार पर अब रैंक दिया जाता है। देशभर में होने वाले यह स्वच्छता रैंकिंग लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का भाव जागृत करती है। इसी बहाने नगरीय इकाइयां भी अपने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रही हैं। इसी क्रम में गोरखपुर शहर में भी स्वच्छता की स्थिति की जांच करने के लिए एक केंद्रीय टीम आई हुई है।
यह टीम स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नगर निगम की तरफ से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट का मौके पर जाकर परीक्षण करेगी। टीम के आने से पहले नगर निगम के अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर खामियों को दुरुस्त कराने का प्रयास किया। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 9500 अंक का पूर्णांक है। वार्ड स्तर पर सुविधाओं के विकास पर 4 हजार अंक निर्धारित हैं।
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केंद्रीय टीम इसी अंक के लिए सर्वेक्षण करेगी। टीम के सदस्य वार्डों में जाएंगे और घर-घर से कूड़ा उठान, सूखा व गीला कूड़ा अलग करने, वाहनों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को देखेंगे। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, सेप्टिक टैंक की सफाई, सक्शन टैंकर, गंदगी के निस्तारण आदि बिंदुओं पर पड़ताल की जाएगी।