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संत नारद महराज का गोरखपुर दौरा: बोले- शिव का जप करें...भगवान खुद जान जाएंगे- उन्हें याद किया जा रहा

Mon, 06 Oct 2025 04:09 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार

सार

रविवार रात्रि विश्राम के दौरान यथार्थ टावर पर वे भक्तों  को संबोधित करते हुए कहा कि ओम राम या शिव का जप करने से भगवान जान जाते हैं कि उन्हें याद किया जा रहा है। वे हर दिशा से भक्तों की रक्षा करते हैं। बड़े दुख को वे छोटा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए केवल भाव की जरूरत है।
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वरिष्ठ शिष्य पूज्य संत नारद जी महाराज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पावन धाम शक्तेषगढ़ के परमहंस आश्रम में यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के वरिष्ठ शिष्य पूज्य संत नारद जी महाराज ने रविवार को गगहा विकास खंड के हाटा बाजार स्थित यथार्थ टावर परिसर पहुंचे। इस दौरान भारी संख्या में भक्तों ने बारिश के बीच भव्य स्वागत किया। भक्तों को संबोधित करते हुए। पूज्य संत ने कहा कि भगवान हर जगह मौजूद हैं।
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पूज्य संत नारद महाराज रविवार की शाम हाटा बाजार स्थित यथार्थ टावर में शिष्य महेश्वर उर्फ पप्पू शाही के आवास पर आए थे। यहां रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को उन्हें शरद पूर्णिमा के अवसर पर श्री परमहंस आश्रम हरिपरापार कौड़ीराम पहुंचना है। वहां वार्षिक भंडारा के आयोजन में शामिल होंगे। 

रविवार रात्रि विश्राम के दौरान यथार्थ टावर पर वे भक्तों  को संबोधित करते हुए कहा कि ओम राम या शिव का जप करने से भगवान जान जाते हैं कि उन्हें याद किया जा रहा है। वे हर दिशा से भक्तों की रक्षा करते हैं। बड़े दुख को वे छोटा कर देते हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए केवल भाव की जरूरत है। हर समय ओम, राम या शिव का जाप करते रहना चाहिए। साथ ही भक्तों को सद्गुरु के रूप का ध्यान करना चाहिए। संत श्री नारद जी महाराज ने बताया कि भगवान भक्तों का पूरा ध्यान रखते हैं। 

वे भक्तों के मन की बात पहले ही जान लेते हैं। भगवान को कई नामों से जाना जाता है। शिव का अर्थ है शंकाओं से परे की अवस्था। वे सभी वैभव से युक्त हैं, इसलिए उन्हें विभू भी कहा जाता है।

महाराज जी ने समझाया कि भगवान सभी के हृदय में वास करते हैं, इसलिए उन्हें आत्मा कहा जाता है। वे सबमें रहते हुए भी सबसे अलग हैं, इसलिए परमात्मा कहलाते हैं।

इस अवसर पर पूज्य संत विरत विज्ञानंद जी महाराज, बृजेश शाही,अंकित शाही, गुड्डू सिंह, राजन सिंह, अंकित चंद, कृष्ण मोहन जयसवाल,जीतबहाल गौड़ , डॉ एसके शाही, आदि भारी संख्या में भक्त गण मौजूद थे।
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