गोरखपुर। सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना का काम जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के पेच में फंसा हुआ है। बड़हलगंज क्षेत्र के कई गांवों में सर्वे और सीमांकन के बाद भी किसानों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति है। किसानों का कहना है कि जमीन और मकान की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी। 81.17 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना को 2019 में मंजूरी मिली थी। करीब 1319.75 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में सहजनवां से बांसगांव, दूसरे में बांसगांव से बड़हलगंज और तीसरे में बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट तक रेल लाइन बिछाई जानी है। बड़हलगंज क्षेत्र में संसारपार, मरवट, बसावनपुर, तीर्थपुरा और बुढ़नपुरा समेत गांवों में तीन बार सर्वे कर सीमांकन किया जा चुका है। करीब दो वर्ष पहले सीमांकन पीलर भी लगाए गए थे।