वित्तीय वर्ष 2022-23 आईटीआर रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई होने के कारण रात 12 बजे तक रिटर्न फाइल करने के लिए आपाधापी मची रही। ऐसा पहली बार था कि लोगों ने पेनाल्टी के डर से देर रात तक आईटीआर को फाइल किए।
फाइनेंशियल एडवाइजरों ने बताया कि आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आईटीआर फाइल करने के लिए 31 दिसंबर 2022 तक का समय दिया था। तय समय के बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 आईटीआर जमा करने पर जुर्माने की व्यवस्था की गई है।
सीए हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि ढाई लाख से ऊपर कर जमा करने वालों को विलंब होने पर एक हजार, जबकि पांच लाख रुपये तक कर जमा करने वालों को पांच हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। उनके टैक्स रिटर्न में जुर्माने की राशि दिखेगी। इसके अलावा कर जमा करने वालों के पास सरकार नोटिस भी भेज सकती है।
सीए हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि भले ही आप पर कोई टैक्स की देनदारी नहीं है, लेकिन आईटीआर रिटर्न फाइल करना बुद्धिमानी है। इससे उस वित्त वर्ष के लिए आपकी आय ऑन रिकॉर्ड आ जाती है। यह आपको मानसिक शांति देगा। इसके अलावा आप कोई होम लोन लेते है तो आईटीआर को दिखा सकते हैं।
सीए मोहित अग्रवाल ने कहा कि आयकर रिटर्न भारत सरकार से इनकम प्रूफ के प्रमाणित दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। आईटीआर जमा करने से लोन स्वीकृत करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। सरकार समय से कर जमा करने वालों को लाभ भी दे रही है। अभी नहीं, लेकिन आने वाले दिनों में रिटर्न के फायदे दिखेंगे।
सीए अर्पित अग्रवाल ने कहा कि समय से अपने कर को जमा कर वाले आसानी से विदेश का सफर कर सकते हैं। इससे जुर्माना तो बचेगा ही साथ मेंआयकर रिटर्न भारत सरकार से इनकम प्रूफ के प्रमाणित दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा।