रुस्तमपुर स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार रात एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। चोट की वजह से घायल यह महिला तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थी। महिला के घरवालों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामला शांत कराया। परिजन डॉक्टर पर केस दर्ज कराने की जिद पर अड़े थे। पुलिस ने तहरीर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बताया जा रहहहै कि बेलीपार इलाके की रहने वाली सरस्वती देवी (50) के पैर में 13 मार्च को चोट लग गई थी। उन्हें रुस्तमपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घरवालों का आरोप है कि शुक्रवार रात में ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने कोई गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे महिला की ऑपरेशन थियेटर में ही मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टॉफ ने आनन-फानन उसे घर ले जाने को कहा। वहीं परिजन ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इसकी सूचना पर रामगढ़ताल पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। परिजनों ने डॉक्टर पर केस दर्ज कराने की मांग की। इस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने और तहरीर के आधार पर केस दर्ज करने की बात कही।
अस्पताल संचालक डॉ. संजय विश्वकर्मा ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में दवा का रिएक्शन हो गया। हालत बिगड़ने पर वहां से एक अन्य अस्पताल के आईसीयू में भेजा गया, जहां महिला की मौत हो गई। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने इलाज में लापरवाही के चलते मौत का आरोप लगाया। इसकी जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को सूचना भेजी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी।