गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी इलाके में शुक्रवार दोपहर घर में घुसकर डॉक्टर की पत्नी और बेटे पर जानलेवा हमले से इलाके में सनसनी है। डॉक्टर एके सिंह का कहना है कि सालों पहले उनके यहां काम कर चुके रोहन को पता था कि दोपहर के समय घर पर कोई नहीं रहता है। इसलिए उसने वही वक्त चुना। उसने पत्नी की जान लेने की नीयत से ही गंडासे से हमला किया था। यह तो शुक्र है कि बेटा प्रियांश उस वक्त घर पर मौजूद था। उसके बीच में आ जाने से पत्नी की जान बच गई। हालांकि इस हमले में प्रियांश की जख्मी हो गया।
घर से सड़क तक घमासान
डॉ. सिंह ने बताया कि रोहन जब घर पहुंचा तो उसने कुसुम से पूछा था कि आप घर पर अकेली हैं? तो उन्होंने बोला हां, इसके बाद उसने उनकी गर्दन पकड़ कर गंडासे से हमला कर दिया। तभी प्रियांश शोर सुनकर पहुंच गया रोहन से भिड़ गया। प्रियांश महाराष्ट्र के एक कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह दो दिन पहले ही घर आया था और घटना के समय दूसरे कमरे में मौजूद था।
रोहन और प्रियांश में हुई हाथापाई
रोहन और प्रियांश के बीच हाथापाई हुई। इस दौरान रोहन ने प्रियांश के सिर और हाथ पर भी गंडासे से हमला कर जख्मी कर दिया। प्रियांश रोहन को पकड़ने में कामयाब हो गया था लेकिन वह शर्ट उतारकर अर्धनग्न हालत में भागने लगा। प्रियांश ने गोरखनाथ पुल के नीचे स्थित रेलवे गेट तक रोहन को दौड़ाया, इसी बीच वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद रोहन दुर्गाबाड़ी चौराहे की तरफ से भाग निकला।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर है बेटी
डॉ. सिंह की दो बेटियां और एक पुत्र है। दोनों ही बेटियों की शादी हो चुकी है। उनकी बड़ी बेटी अंशी सिंह एमबीबीएस और एमडी करके देवरिया मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर है। वहीं बेटा प्रियांश भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। घर पर स्थित क्लीनिक के बोर्ड पर डॉक्टर एके सिंह के साथ ही बेटी अंशी सिंह का भी नाम लिखा है।
रोहन ने रखा था तमंचा
डॉ. सिंह का कहना है कि रोहन पूर्व में उनके यहां काम जरूर करता था लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद उससे कोई मतलब नहीं था। न ही वह कभी घर पर आया था। रोहन ने क्यों हमला किया इस पर वह भी अचरज में हैं। उनका कहना है कि उसके पकड़े जाने के बाद ही इसका कारण पता चलेगा। उन्होंने कहा कि रोहन ने भागते समय एक झोला उठाया था, शायद उसने उसमें तमंचा रखा था।
नासिक में पेंट पॉलिश का करता है रोहन
डॉक्टर से रोहन के बारे में जानकारी लेने के बाद पुलिस उसके तिवारीपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर स्थित घर पहुंची। वहां पता चला कि वह नासिक में रहकर पेंट पॉलिश का काम करता है। छह मार्च को ही वह अपनी मौसी की लड़की की शादी में घर आया था। रोहन के पिता 55 वर्षीय महेन्द्र साहनी ई रिक्शा चलाते हैं। पुलिस की जांच में रोहन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। रोहन की एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।