गोरखपुर। यूरोलॉजिकल कैंसर के ऑपरेशन में रोबोटिक सर्जरी अब तक सबसे सफल है। बड़े अस्पतालों में इसी विधि से सर्जरी हो रही है। रोबोटिक सर्जरी तकनीकी रूप से लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से बेहतर है। रोबोट के जरिए ज्यादा साफ व सफल ऑपरेशन किया जा सकता है।
यह कहना है मेदांता अस्पताल गुरुग्राम यूरोओंको एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. पुनीत अहलुवालिया का। वे शुक्रवार को एक कार्यक्रम में गोरखपुर आए थे। डॉ. अहलुवालिया ने बताया कि मेदांता अस्पताल में पिछले 15 वर्षों से इस विधि से सर्जरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रोस्टेंट कैंसर यदि समय से पता चल जाए तो उसे रोबोटिक सर्जरी के जरिए पूरी तरह से निकाला जा सकता है। इस विधि से सर्जरी में मरीज को दर्द कम होता है और जल्द अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाती है। कुछ नई दवाएं भी आई हैं, जिनसे यूरोलाॅजिकल कैंसर के इलाज में मदद मिली है।
इन अंगों में हो सकता है यूरोलॉजिकल कैंसर
डॉ. पुनीत ने बताया कि पेशाब की थैली, किडनी, प्रोस्टेट, टेस्टीज के कैंसर को यूरोलॉजिकल कैंसर कहते हैं। पेशाब की थैली में कैंसर होने पर पेशाब के साथ खून आता है। किडनी में कैंसर हो तो भी पेशाब के साथ खून, पेट दर्द व पेट में सूजन होता है। डॉ. पुनीत ने कहा कि कोरोना के बाद से टेलीमेडिसिन का चलन बढ़ा है। यह दूरदराज के मरीजों के लिए फायदेमंद भी है।