गोरखपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 21 मोहनपुर में लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। वार्ड की अधिकतर नालियां टूटी हुई हैं। नाले का पानी सड़क पर बहता है। ज्यादातर सड़कें जर्जर हैं। जिसपर लोगों का चलना मुश्किल है। लोगों को पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल भी नहीं मिल रहा है।
नगर निगम में शामिल हुए मोहनपुर को वार्ड बने करीब एक साल का समय पूरा होने जा रहा है। लेकिन, यहां स्थिति गांव से भी खराब है। वार्ड के चुन्नीपुर से नंदानगर को जाने वाली खड़ंजा सड़क पूरी तरह से जर्जर है। इस सड़क पर वाहन तो दूर की बात है, लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल होता है। वार्ड के ओबा टोला, पासी टोला, यादव टोला, पिपरहवा टोला की ज्यादातर नालियां टूटी हुई है। नाले का पानी या तो सड़क पर बहता है या फिर किसी गड्ढे में जाकर एकत्रित हाता है।
गंदा पानी जमा होने से लोग पानी से उठने वाली बदबू से परेशान रहते हैं। वार्ड में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। पानी की आपूर्ति के लिए वार्ड में पानी की पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन उसमें पानी नहीं आता है, यहां पेयजल का एकमात्र स्रोत हैंडपंप ही है। बिजली के तार कई जगहों पर झूलते हुए नजर आते हैं। पोल पर स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी है, ऐसे में शाम होते ही वार्ड में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
वार्ड की लचिया देवी ने बताया कि वार्ड की सड़क बहुत खराब है। ज्यादातर रास्तों पर खड़ंजा लगा है। पक्की सड़क नहीं होने से आने-जाने में दिक्कत होती है। इसरावती देवी कहती हैं कि
पानी की पाइपलाइन तो पड़ी है और टोटी भी लगी है, लेकिन टोटी में पानी नहीं आता है। हैंडपंप का पानी भी गंदा आता है। वार्ड के ही प्रमोद कुमार बताते हैं कि ज्यादातर नालियां टूटी हुई हैं या फिर नाली है ही नहीं। नाली का पानी सड़क पर बहता है, इससे आने-जाने में दिक्कत होती है।
मुख्य अभियंता संजय सिंह ने बताया कि सभी नए वार्डों में अलग-अलद मद में सड़क, नाके के कामों की स्वीकृति मिल गई है। कुछ ही दिनों में सभी काम शुरू हो जाएंगे।