पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर में संचालित लाइफ मेडिकेयर क्लीनिक में इलाज के दौरान 75 वर्षीय पूर्व सैनिक की मौत के बाद शुक्रवार को हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में तोड़फोड़ की।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के बीच से डॉक्टर को सुरक्षित बाहर निकालते हुए हिरासत में ले लिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
पीपीगंज के भरवल नगर पंचायत निवासी श्यामलाल यादव ने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद रेलवे में कुछ साल संविदा पर काम किया था। परिजनों के अनुसार, 31 दिसंबर की शाम सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें भगवानपुर स्थित लाइफ मेडिकेयर क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर उन्होंने उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की थी, लेकिन डॉक्टर ने यह कहकर मना कर दिया कि मरीज की स्थिति में सुधार हो रहा है। परिजनों का कहना है कि बृहस्पतिवार रात अचानक तबीयत ज्यादा खराब होने लगी लेकिन डॉक्टर को बुलाने के बावजूद समय पर नहीं पहुंचे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर अस्पताल आए और थोड़ी देर बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। घटना की जानकारी होने पर पीपीगंज थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने एक कमरे का दरवाजा खुलवाकर डॉक्टर को बाहर निकाला और उन्हें हिरासत में ले लिया।
टीम ने की छानबीन
बताया जा रहा है कि डॉक्टर वर्तमान में महाराजगंज जनपद के एक सरकारी अस्पताल में भी कार्यरत हैं। परिजनों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस के साथ साथ चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भी दी है।
इसके बाद कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद वर्मा व टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने अस्पताल में छानबीन कर पंजीकरण न होने का हवाला देते हुए नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा है। उधर, शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। स्वास्थ्य विभाग को घटना की जानकारी दी गई है। आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी:
ज्ञानेंद्र, एसपी नार्थ