गोरखपुर/भटहट। जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड के निर्माण कार्य के लिए अधिग्रहित जमीनों का मुआवजा पाने के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना होगा। आर्बिट्रेशन की सुनवाई में अगली तारीख मिलने से किसान निराश हो गए हैं। किसानों का कहना है कि मामले के जल्द निस्तारण के लिए आर्बिट्रेशन दाखिल कराया गया है।
जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड के लिए कोनी से लेकर ताल जहदा तक कुल 26 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। इसका काम शुरू होने पर किसानों ने नए सर्किल रेट या फिर बाजार भाव से मुआवजा देने की मांग उठाई। किसानों की मांग पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आर्बिट्रेशन दाखिल करने की सलाह किसानों को दी। इसके बाद किसानों ने एसएलओ कार्यालय से अवार्ड की कापी निकालकर अपना आर्बिट्रेशन दाखिल किया। तब अधिकारियों की ओर से कहा गया था कि सभी किसानों का आर्बिट्रेशन दाखिल होने के बाद जल्द मामले की सुनवाई की जाएगी। इस मामले में शनिवार को पहली तारीख थी, लेकिन किसानों को सात अक्टूबर की अगली तारीख दे दी गई। इससे डीएम कार्यालय पहुंचे किसानों को निराश लौटना पड़ा।
-जमीन समतलीकरण का चल रहा काम
किसानों के मुआवजे का मामला भले ही पूरी तरह से सुलझा नहीं है, लेकिन एनएचएआई की ओर से काम शुरू करा दिया गया है। ताल जहदा से लेकर बनगाई तक अधिग्रहित जमीन का समतलीकरण कराया जा चुका है। एनएचएआई के ठेकेदार और अधिकारियों ने उन लोगों से कहा कि आर्बिट्रेशन में मामला जल्द सुलझ जाएगा। इसके बाद सभी का भुगतान करा दिया जाएगा। क्षेत्र के किसान गुलाबचंद, विकास पांडे, आजम खान, सुमित साहनी आदि किसानों का कहना है कि जब तक मामले की सुनवाई नहीं हो जाती है। तब तक प्रभावित लोगों को नींद नहीं आएगी।