भटहट (गोरखपुर)। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के लिए अधिग्रहित जमीन से प्रभावित किसान तेजी से आर्बिट्रेशन दाखिल करने में जुटे हैं। मंगलवार को सौ से अधिक किसानों ने एसएलओ कार्यालय से अवार्ड की कॉपी लेकर डीएम कार्यालय में आर्बिट्रेशन दाखिल किया। किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उनकी जमीनों का उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
रोड निर्माण के लिए 26 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ) के काम शुरू कराने पर किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों ने मुआवजे के भुगतान के लिए सहमति पत्र नहीं जमा कराया है। रविवार को किसानों ने इटहिया के स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाई थी। एक तरफ पंचायत चल रही थी, तो दूसरी ओर राजस्व और एनएचएआई के अधिकारी अधिग्रहित जमीन का सर्वे करने पहुंच गए। जानकारी होने पर किसानों ने विरोध जताया।
मामले की जानकारी मिलने पर पहुंचे तहसीलदार सदर विकास कुमार सिंह ने किसानों को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) दाखिल करने की सलाह दी। इसके बाद से ही किसान मुआवजा तय करने के संबंधित कागजात (अवार्ड) की कापी निकाल रहे हैं। मंगलवार को एसएलओ कार्यालय पहुंचे सोनराईच, बालापार,इटहिया सहित अन्य गांवों के किसान संतेश्वर पांडेय, विकास पांडेय, गुलाब जायसवाल, संतोष शुक्ला,अनूप सिंह, सदानंद जायसवाल अमरनाथ तिवारी, अजय सिंह, गणेश सिंह ,अरुण सहित सौ से अधिक किसानों ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया।
किसानों ने बताया कि बालापार गांव में जमीन की औसत दर 3,38,84862 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। प्रति डिसिमल के हिसाब से यह दर 1,35,539 रुपये हो रही है। इसका चार गुना करने पर जमीन की दर 5,42,156 रुपये प्रति डिसिमल हो जाएगी।
व्हाट्सएप ग्रुप पर सक्रिय हुए किसान, कर रहे राय-मशविरा
जगदीशपुर। रिंग रोड से प्रभावित 26 गांवों के किसान सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। किसानों ने अपना व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया है, जिस पर सभी लोग एक दूसरे से राय शुमारी कर रहे हैं। उचित मुआवजा के लिए किसान एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं। कोनी के किसान नरसिंह सिंह, गणेश, अमरनाथ गुप्ता, रामप्रताप चौरसिया आदि ने बताया कि ग्रुप सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए बना है। ताकि मुआवजा संबंधित कोई सूचना तत्काल सभी तक पहुंचाई जा सके। इसके अलावा किसी मामले में एक दूसरे से जानकारी लेने में कोई दिक्कत न हो। संवाद
बिचौलियों की तलाश में जुटा जिला प्रशासन
गोरखपुर। रिंग रोड निर्माण के मामले में बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। इस योजना में जिनकी जमीन अधिग्रहित नहीं की गई है, लेकिन वह किसानाें को गुमराह करने में जुटे हैं। बिचौलियों की वजह से माहौल खराब हो रहा है। इसलिए इस प्रकरण में ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जो काश्तकार नहीं है। फिर भी योजना को लेकर सक्रिय हैं। ऐसे लोगों को पहले पाबंद किया जाएगा। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।