अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) में निवेश के नाम पर ठेकेदार मदन मोहन शुक्ला से 80 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने एक आरोपी सुकांता बनर्जी को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
उसके साथी अमित कुमार नंदी, सुरेश रमानी, चंडीचरण अधिकारी और शालिनी नासकर की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुकांता के खिलाफ लखनऊ के महानगर थाने में वर्ष 2019 में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के शिवाजीनगर निवासी मदन मोहन शुक्ला सिंचाई विभाग में ठेकेदारी करते हैं। पकड़ा गया आरोपी सुकांता मूलरूप से कोलकाता अर्बन एनआरआई आनंदपुर का रहने वाला है। वर्तमान में वह लखनऊ में रह रहा है।
आरोप है कि उसने नासा के दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं और स्पेस उपकरणों की खरीद-फरोख्त के बिजनेस में निवेश कराने का झांसा दिया था। सुकांता ने खुद को नासा से संबद्ध कंपनी का चीफ कोऑर्डिनेटर बताते हुए कहा था कि निवेश पर 100 गुना मुनाफा मिलेगा।
मदन मोहन शुक्ला ने बताया कि मार्च 2018 में उनकी मुलाकात कानपुर के सिंधी काॅलोनी निवासी सुरेश रमानी के जरिये सुकांता बनर्जी और लखनऊ के महानगर सचिवालय कॉलोनी निवासी अमित कुमार नंदी से हुई थी।
आरोप है कि विश्वास दिलाने के लिए सुकांता ने नासा, पीएमओ, रिजर्व बैंक और एक्सिस बैंक के कथित दस्तावेज दिखाए। ठेकेदार ने भरोसा कर 80 लाख रुपये सुकांता, चंडीचरण अधिकारी और शालिनी नासकर को निवेश के रूप में दे दिए।
बाद में ठेकेदार को पता चला कि सुकांता ने कई अन्य लोगों से भी करोड़ों रुपये ठग रखे हैं। आरोप है कि जब मदन मोहन ने रुपये वापस मांगे तो सुकांता ने उन्हें धमकी दी। इसके बाद ठेकेदार ने रामगढ़ताल थाने और सीबीआई मुख्यालय, नई दिल्ली में इसकी शिकायत की थी।
सूत्रों के अनुसार, सुकांता बनर्जी ने गोरखपुर, लखनऊ और कोलकाता में फर्जी कंपनियां बनाकर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया था। वह लखनऊ स्थित अपना मकान बेचकर भाग गया था। पुलिस ने सोमवार को उसे तब गिरफ्तार कर लिया जब वह नए शिकार की तलाश में रामगढ़ताल क्षेत्र में आया था।
सुकांता बनर्जी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
लालच में फंसकर जमा कराए 80 लाख रुपये
ठेकेदार मदन मोहन शुक्ला ने बताया कि विश्वास करके सुकांता बनर्जी, चंडीचरन अधिकारी व शालिनी नासकर को निवेश के रूप में 80 लाख रुपये दिए। बाद में पता चला कि सुकांता बनर्जी ने बहुत से लोगों से करोड़ों रुपये ले लिए हैं। आजतक किसी निवेशक को कोई लाभांश सुकांता ने नहीं दिया है।
इसी बीच पता चला कि सुकांता अपना लखनऊ का घर बेचकर कोलकाता भाग गया। आरोप लगाया कि सुकांता, चंडीचरण, शालिनी नासकर और अन्य आरोपी मिलकर अधिक लाभ का लालच देकर जालसाजी करते हैं। आरोपियों ने देशभर में ठगी की घटनाएं की हैं।
सीबीआई में भी की शिकायत
ठेकेदार ने बताया कि कई बार भुगतान के लिए सुकांता को काॅल कर पूछताछ की। कुछ दिन इधर-उधर की बातें कर वह टालता रहा। बाद में कहने लगा कि कोई भुगतान नहीं करेगा। कोलकाता जाकर सुकांता से कई बार मिलने की कोशिश की लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। 18 महीनों से सुकांता ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। ठेकेदार ने सीबीआई मुख्यालय नई दिल्ली में भी जाकर शिकायत की थी।