गोरखपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दफ्तर में अब कैश लेकर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए दफ्तर के रिसेप्शन पर लॉकर लगाया जा रहा है। दफ्तर में जाने वाले लोग नगदी समेत अन्य कीमती सामान उसी में रख कर अंदर जा सकेंगे। सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा गार्ड की निगरानी में लॉकर को रखा जाएगा।
लखनऊ सीबीआई की टीम ने बुधवार को तारामंडल स्थित एनएचएआई के दफ्तर में परियोजना निदेशक के निजी सहायक एवं तकनीकी प्रबंधक विजेंद्र सिंह को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद एनएचएआई में हड़कंप मचा हुआ है। कार्य की पारदर्शिता एवं फाइलों के तत्काल निस्तारण को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब एनएचएआई के दफ्तर में बाहरी लोगों के बड़ी रकम लेकर जाने पर रोक लगा दी गई है। एनएचएआई में काम से जाने वाले नगदी समेत अन्य कीमती सामान अब बाहर ही लॉकर में रख कर जाएंगे। इसके लिए दफ्तर में लॉकर का निर्माण कराया जा रहा है। लॉकर के पास सुरक्षा गार्ड की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरे से लॉकर की निगरानी की जाएगी, ताकि कोई उससे छेड़खानी नहीं कर सके।
एनएचएएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने बताया कि दफ्तर में बाहरी के नगदी लेकर आने पर रोक लगा दी गई है। दफ्तर में आने वाले लोग लॉकर में नगदी समेत अन्य कीमती सामान रख सकेंगे। इसके लिए लॉकर का निर्माण कराया जा रहा है।
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यह था मामला
पेट्रोल पंप के लिए एनओसी देने के नाम पर बुधवार की दोपहर बाद एनएचएआई के तारामंडल स्थित कार्यालय से सीबीआई की टीम ने निजी सहायक विजेंद्र को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। उसके सहारा एस्टेट स्थित किराये के आवास पर जांच के बाद सीबीआई ने एक डॉयरी को कब्जे में लिया। वहां करीब साढ़े तीन लाख रुपये नगदी बरामद हुई। बृहस्पतिवार की सुबह विजेंद्र को हिरासत में लेकर सीबीआई की टीम लखनऊ चली गई। उसके खिलाफ शिकायतकर्ता से एनओसी देने के बदले रुपये लेने के आरोप में सीबीआई ने केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।