व्यापारियों के अनुसार, इस बार भले ही लगन कम है, लेकिन जिन्हें शादी करनी है, उन्होंने ऐसी लगन में भी शादी करने का निर्णय किया है, जिस दिन उनके रिश्तेदारों के यहां शादी है। बाजार में लगन की तेजी शुरू हो गई है। जिन लोगों के घर शादियां नहीं हैं, उनके सामने भी शादियों के निमंत्रण में सभी जगह पहुंचने की बड़ी चुनौती होगी।
ज्योतिर्विद शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, अप्रैल में नौ लगन है, जबकि जुलाई में सात लगन है। मई-जून में गुरु शुक्र अस्त है। इस कारण अप्रैल व जुलाई में 16 लगन में ही शादियां होंगी। 18 अप्रैल से लगन की शुरुआत हो रही है।
सराफा व्यापारी पंकज गोयल ने बताया कि जब चार माह लगन होती थी तो जुलाई में कम शादियां होती थीं, लेकिन इस बार अप्रैल व जुलाई दोनों लगन में अधिक शादियां हो रही हैं। लगन में 200 करोड़ रुपये कारोबार होने की संभावना है, यदि मई-जून में लगन होती तो 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता।
कपड़ा व्यापारी शंभू शाह ने बताया कि लगन के कारण कपड़े के व्यापार में तेजी आ गई है। चारों माह लगन होगी तो 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता, जबकि इस बार भी 150 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार होगा। दूल्हे-दुल्हन के साथ परिवार के लोगों के लिए भी लोग कपड़े खरीद रहे हैं।
इलेक्ट्रानिक्स व्यवसाई अतुल सिंह ने बताया कि लगन में लोग इलेक्ट्रानिक्स सामान के पूरे सेट खरीद रहे हैं। इस कारण अचानक बिक्री बढ़ गई है। अप्रैल में नौ दिन लगन है, लेकिन बाजार में 12 से 15 दिन इसका असर रहेगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
शिव मोटर्स निदेशक विशाल जायसवाल ने बताया कि खरमास बीतते ही नवरात्र और लगन के कारण बिक्री बढ़ गई है। जिन लोगों को मांगलिक कार्यक्रम के लिए वाहन खरीदना है, वे लोग खरीदने के साथ मनपसंद मॉडल की बुकिंग भी कर रहे हैं। लगन के कारण 25 करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है।