गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन के लिए असुरन इलाके में दुकानों और मकानों में लाल निशान लगाए जाने के बाद व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारियों की मांग है कि फोरलेन की बजाय टू लेन सड़क बनाई जाए। व्यापारियों ने शनिवार को जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा।
असुरन व्यापारी मंडल के समन्वयक रामरतन सिंह ने कहा कि गोरखपुर-पिपराइच में 19 किमी फोरलेन के लिए मकानों पर निशान लगाए जा रहे हैं। इसमें असुरन में ही 400 से अधिक दुकानें टूट जाएंगी। कई दुकानदारों की तीसरी-चौथी पीढ़ी वहां कारोबार कर रही है। यदि असुरन से पादरी बाजार तक फोरलेन की बजाय टू लेन सड़क बनाई जाए तो उनके साथ न्याय होगा और यातायात भी बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि यह आवासीय एवं व्यवसायी क्षेत्र है, साथ ही शहर की अर्थव्यवस्था की मुख्य नब्ज है। त्योहारों के समय में इस बाजार से करोड़ों की खरीदारी होती है। दुकानों के टूटने से आसपास के लोगों को भी असुविधा होगी। इस मौके पर पार्षद प्रतिनिधि मंतालाल यादव, राजेश श्रीवास्तव, सुग्रीव वैश्य, प्रमोद मद्धेशिया, ब्रिजेश शाही, ओमकार सिंह, विनोद विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
व्यापारियों का तर्क
असुरन से मेडिकल कॉलेज और असुरन से कौवाबाग, जेल बाईपास से पादरी जाने वाला रास्ता फोरलेन हो गया है। इस कारण असुरन से पादरी बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम है। इस रूट पर बड़े वाहन भी नहीं आते हैं जिससे जाम भी नहीं लगता है। असुरन से जेल बाईपास रोड होते हुए पादरी बाजार जाने में 3.4 किमी की दूरी है, जबकि असुरन से पादरी बाजार की दूरी 3.1 किमी है। ऐसी स्थिति में 300 मीटर दूरी के लिए 400 से अधिक मकानों दुकानों को तोड़ा जा रहा है।
स्मार्ट रोड बनाने की थी योजना
व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन एवं व्यापारियों के बीच मौखिक वार्ता हुई थी। कहा गया था कि इस मार्ग पर अतिक्रमण को पूर्ण रूप से हटाकर स्मार्ट रोड बनाकर इसका सुंदरीकरण किया जाएगा। प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि लोकसभा चुनाव के बाद इसपर शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी, लेकिन बुधवार को अचानक हुई नाप-जोख से व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई।
फोरलेन में जो डीपीआर स्वीकृत हुआ है, उसी के अनुसार निर्माण कार्य करने का प्रावधान है। व्यापारियों की मांग को ध्यान में रखा जाएगा। कुछ मकानों और दुकानों को बचाने की गुजांइश होगी, तो की जाएगी।
- एके सिंह, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग